अब दिल्ली समेत अन्य शहरों के एयरपोर्ट का जिम्मा संभालेगा Tata  ग्रुप, 8000 करोड़ रुपए का होगा निवेश

Tata ग्रुप एयरपोर्ट बिजनेस में एंट्री करेगा। टाटा, सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड की यूनिट जीआईसी और एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट का कंसोर्शियम 8,000 करोड़ रुपए लगाएगा। इसके लिए  जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड में निवेश किया जाएगा। जीएमआर एयरपोर्ट की पेरेंट कंपनी जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है।

 

 

money bhaskar

Mar 27,2019 03:19:00 PM IST

नई दिल्ली. Tata ग्रुप एयरपोर्ट बिजनेस में एंट्री करेगा। टाटा, सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड की यूनिट जीआईसी और एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट का कंसोर्शियम 8,000 करोड़ रुपए लगाएगा। इसके लिए जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड में निवेश किया जाएगा। जीएमआर एयरपोर्ट की पेरेंट कंपनी जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने रेग्युलेटरी फाइलिंग में यह जानकारी दी है। इस सौदे के तहत जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की इकाई जीएमआर एयरपोर्ट्स में 1,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी और 7,000 करोड़ रुपये की एयरपोर्ट यूनिट के इक्विटी शेयर खरीदे जाएंगे। जीएमआर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड एशिया की छठी सबसे बड़ी कंपनी है।

जीआईसी को जीएमआर के 15% शेयर मिलेंगे

कंपनी ने एक फाइलिंग में कहा कि खरीद के बाद टाटा हवाई अड्डे की इकाई में 20 प्रतिशत, जबकि जीआईसी को 15 प्रतिशत और एसएसजी को 10 प्रतिशत का स्वामित्व मिलेगा। जीएमआर एयरपोर्ट्स की वैल्यू 180 अरब रुपए आंकते हुए यह डील की गई है। हैदराबाद और फिलीपींस के केबू शहर में भी जीएमआर एयरपोर्ट ऑपरेट करता है।

पिछले महीने अडानी ग्रुप भी एयरपोर्ट बिजनेस में एंट्री कर चुका


देश के दूरदराज के कस्बों और गांवों में एयरफील्ड विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 1 लाख करोड़ रुपए की योजना है। ऐसे में टाटा ग्रुप की एयरपोर्ट बिजनेस में एंट्री अहम है। टाटा दो स्थानीय एयरलाइंस का संचालन भी करती है। पिछले महीने अडानी ग्रुप ने भी 5 एयरपोर्ट- जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, तिरुवनंतपुरम और मेंगलुरु के संचालन की बिडिंग में जीत हासिल की थी।

जापानियों को मात दी

टाटा-जीआईसी-एसएसजी की तिकड़ी ने जापानी विविध समूह मित्सुबिशी को हराया है। फरवरी में GIC और मित्सुबिशी के साथ GMR की बातचीत की रिपोर्ट की थी। GMR और GIC का यह सौदा पट नहीं पाया। वहीं, टाटा संस के प्रवक्ता ने टिप्पणी से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि वह टाटा एयरपोर्ट्स सेक्टर में जाने की कोशिश कर रहा है। नवी मुंबई हवाई अड्डे जैसी परियोजनाओं की बोली लगाने के लिए उन्होंने फेरोवियल के साथ गठजोड़ किया है।

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