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प्रवासी भारतीयों ने ढूंढ़ा कमाई का नया तरीका, आप भी घर बैठे कर सकते हैं यह काम

बिना मेहनत किए हर महीने होगी मोटी कमाई

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नई दिल्ली। रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश भारतीयों की हमेशा पहली पसंद रहा है। अब विदेशों में रह रहे प्रवासी भारतीयों (NRI) को भी रियल एस्टेट में निवेश भा रहा है। इसके लिए यह प्रवासी भारतीय देश में बड़ी संख्या में निवेश कर रहे हैं। अधिकांश प्रवासी भारतीय ऐसी संपत्तियों में निवेश कर रहे हैं जिनसे उन्हें किराए के रूप में रिटर्न मिल रहा है और वे इसे अपनी अतिरिक्त कमाई के तौर पर अपना रहे हैं। ये बात रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों ने कही है। 

सर्वे में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई
मुंबई बेस्ड एनरॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के सर्वे के अनुसार, प्रवासी भारतीय देश में लग्जरी होम के साथ सस्ते और किफायती घर खरीद रहे हैं। इसके बाद वह इन प्रॉपर्टीज को किराए पर दे रहे हैं। इससे मासिक आय में इजाफे के साथ उनकी पूंजी भी बढ़ रही है। एनरॉक के सर्वे के अनुसार, प्रवासी भारतीयों को मिड सेगमेंट की प्रॉपर्टी से 8 से 10 फीसदी का रिटर्न मिल रहा है। वहीं, लग्जरी प्रॉपर्टी से 3 से 5 फीसदी और अल्ट्रा लग्जरी प्रॉपर्टी से 2 से 3 फीसदी का रिटर्न मिल रहा है। एनरॉक का कहना है कि 2015 में मंदी से पहले प्रवासी भारतीयों को आवासीय संपत्ति से सबसे बेहतर रिटर्न मिल रहा था। नोटबंदी, रेरा और जीएसटी के बाद आवासीय संपत्तियों में रिटर्न कम होने के बाद प्रवासी भारतीयों ने वाणिज्यिक संपत्तियों की ओर रूख किया है, जो ज्यादा रिटर्न का वादा करती हैं।

फिर बढ़ा आवासीय संपत्तियों की ओर आकर्षण


एनरॉक के सीईओ शहजाई जैकब का कहना है कि 2018 की शुरुआत में आवासीय क्षेत्र में मांग बढ़ने के साथ ही प्रवासी भारतीय फिर से इस ओर आकर्षित होने लगे हैं। जैकब के अनुसार, प्रवासी भारतीय इस समय सस्ते और किफायती घरों में निवेश पर फोकस कर रहे हैं। इससे एक ओर उनकी मासिक आय बढ़ती है। दूसरे ओर लंबे समय तक निवेश से प्रॉपर्टी बेचने पर बेहतर रिटर्न मिलता है। जैकब का कहना है अधिकांश प्रवासी भारतीय घर खरीदने के बाद उसे किराए पर दे देते हैं। बाद में वतन वापसी पर वे इन्ही घरों में रहते हैं। 

चार साल में दोगुना हुआ निवेश


आंकड़ों के अनुसार, बीते चार सालों में प्रवासी भारतीयों की ओर से रियल एस्टेट सेक्टर में किया गया निवेश दोगुना से ज्यादा हो गया है। 2014 में जहां प्रवासी भारतीयों ने 5 बिलियन डॉलर का निवेश किया था, वह 2018 में बढ़कर 10.2 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि 2020 में यह निवेश बढ़कर 180 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। दिल्ली बेस्ट प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि भारत में रह रहे लोग भी इस तरह किफायती और सस्ते घरों में निवेश करें तो वह भी अपनी मासिक आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। 

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