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Home » Economy » InfrastructureMedical drone service started in Puduchhery by Jipmer

पहली बार देश में शुरू हुई 'मेडिकल ड्रोन सेवा‘, अब दुर्घटना स्थल पर तेजी से पहुंच सकेगी मदद

स्वास्थ्य के क्षेत्र में पुडुचेरी के JIPMER की अभूतपूर्व उपलब्धि

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नई दिल्ली.

अब जल्द ही स्वास्थ्य क्षेत्र में भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। देश में पहली बार पुडुचेरी स्थित जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेज्युएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) ने एक सरकारी मेडिकल संस्थान में मेडिकल ड्रोन सेवा काे शुरू किया है। इस सेवा से दुर्घटना स्थल पर मदद पहुंचाने, ICU में पेशेंट को देखने और कैजुअल्टी की स्थिति में लोगों के हालात का जायजा लिया जा सकेगा। जिपमेर का कहना है कि यह सेवा यूरोपीय देशों में लंबे अरसे से चल रही है, लेकिन भारत में यह अभी शुरुआती चरण में है।

 

जिपमेर के मुताबिक नैनो ड्रोन को ICU में भर्ती मरीज को बाहर से देखने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे इंफेक्शन का खतरा न हो। ऑपरेशन थिएटर में मौजूद लोगों को मॉनीटर करने के लिए नैनो ड्राेन काफी फासदेमंद साबित हो सकते हैं। आग लगने जैसी इमरजेंसी में जहां इंसान मदद नहीं पहुंचा सकते हैं, वहां ड्रोन जगह का जायजा ले सकेंगे और स्थिति का ब्यौरा दे सकेंगे।

 

तेजी से पहुंचा सकेंगे दवाएं

बड़े साइज के ड्रोन को दुर्घटना या आपदा प्रभावित क्षेत्र में उड़ाया जा सकेगा और पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सकेगी। इसके अलावा कई परिस्थितियों में मानव अंगों, सैंपल्स और दवाओं को भी तेजी से जरूरतमंद तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके लिए एयर एंबुलेंस की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस ड्रोन को इंटरनेट के जरिए अॉपरेट किया जाएगा। Jipmer को यह इंटरनेट सेवा पुडुचेरी के National Knowledge Network (NKN) और National Informatics Centre (NIC) से मिलेगी।

 

 

सरकार ने तय की हैं ड्रोन की पांच कैटेगरी

नागरिक उड्‌डयन मंत्रालय के Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने ड्रोन्स की पांच कैटेगरी निर्धारित की हैं। यह हैं नैनो ड्रोन (250 ग्राम से कम), माइक्रो ड्रोन (250 ग्राम से किग्रा तक), छोटे ड्रोन (2 किग्रा से 25 किग्रा), मध्यम ड्रोन (25 किग्रा से 150 किग्रा) और बड़े ड्रोन (150 किग्रा से अधिक वजनी)। 250 ग्राम से अधिक वजन के सभी ड्रोन्स को DGCA के तहत रजिस्टर कराना अनिवार्य है।

 

 

फिलहाल नैनो ड्रोन होगा संचालित

अभी JIPMER ने नैनो ड्रोन खरीदे हैंक्योंकि इन्हें बिना रजिस्ट्रेशन के इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही माइक्रो ड्रोन के लिए ऑर्डर दे दिया है। जिपमेर में IT विंग के स्टाफ को आगे आने वाले समय में बड़े ड्रोन को ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।

 

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