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चुनावी चिंता : Jet Airways को दिवालिया होने पर बड़ी संख्या में नौकरी जाने के खतरे से डरी सरकार, बैंकों से अपील 

सरकारी बैंकों को दिया निर्देश दिया, एनआईआईएफ, स्टेट बैंक और पीएनबी ले सकते हैं जेट की एक तिहाई तक हिस्सेदारी 

Directed by the government banks, NIF, State Bank and PNB can take up to one third of the jetty

लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी सरकार के लिए वैसे ही सिरदर्द बना हुआ है। अब जेट के दिवालिया होने से लाखों लोगों के बेरोजगार होने की आशंका से डरी सरकार ने मदद के लिए बैंकों को आगे आने के लिए कहा है। सरकार ने सरकारी बैंकों से कहा है कि वे  Jet Airways को दिवालिया होने से बचाएं।

नई दिल्ली. लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी सरकार के लिए वैसे ही सिरदर्द बना हुआ है। अब जेट के दिवालिया होने से लाखों लोगों के बेरोजगार होने की आशंका से डरी सरकार ने मदद के लिए बैंकों को आगे आने के लिए कहा है। सरकार ने सरकारी बैंकों से कहा है कि वे  Jet Airways को दिवालिया होने से बचाएं।

मोदी नहीं चाहते हैं कि चुनाव के वक्त जाए नौकरी 

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव के समय हजारों लोगों की नौकरी जाए। सूत्रों ने बताया कि सरकार के कहने पर ही बैंक जेट के कर्ज को इक्विटी में बदल रहे हैं। यह कदम फिलहाल जेट को दिवालिया होने से बचाने के लिए उठाया जा रहा है। स्थिति ठीक होने पर बैंक अपने शेयर बेच सकेंगे। एक अन्य सूत्र ने बताया कि सरकार के 49% स्वामित्व वाले नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) को भी जेट में हिस्सेदारी खरीदने को कहा गया है। इस बीच, नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने मंत्रालय के सचिव से आपातकालीन बैठक बुलाने को कहा है। भारत में एविएशन सेक्टर में करीब 10 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। लेकिन अगर चुनाव से पहले भारत की दूसरी सबसे बड़ी विमानन कंपनी दिवालिया हो जाती है और इससे लोगों का रोजगार छिनता है तो यह बात सरकार के खिलाफ जा सकती है। 

31 मार्च तक सैलरी नहीं मिली तो पायलट 1 अप्रैल से उड़ान बंद करेंगे 

जेट एयरवेज के पायलटों ने चेतावनी दी है कि 31 मार्च तक उनकी बकाया सैलरी नहीं मिली तो वे 1 अप्रैल से उड़ान बंद कर देंगे। जेट के घरेलू पायलटों के संघ नेशनल एविएटर्स गिल्ड ने मंगलवार को हुई सालाना बैठक के बाद यह फैसला लिया। बैठक 90 मिनट तक चली। गिल्ड ने कहा कि पायलट और अन्य स्टाफ के दिसंबर से ही पूरी सैलरी नहीं मिल रही है। सैलरी को लेकर मैनेजमेंट से कोई आश्वासन नहीं मिलने के बाद गिल्ड ने पिछले सप्ताह केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार को पत्र लिखकर मामले में दखल देने की मांग की थी। 

41 विमानों के हिसाब से उड़ानों का नया शेड्यूल बना रही है एयरलाइन 

एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने मंगलवार को बताया कि जेट के पास उड़ान के लिए सिर्फ 41 विमान बचे हैं। आगे इसमें और कमी आ सकती है। डीजीसीए ने यह बात जेट के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कही। जेट के बेड़े में 119 विमान थे। रेगुलेटर के अनुसार 41 विमानों के हिसाब से 603 घरेलू और 382 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का शेड्यूल बनाया जा रहा है। एयरलाइन को यात्रियों को इसकी जानकारी देने के साथ रिफंड और वैकल्पिक फ्लाइट उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। 

सैलरी नहीं मिलने से इंजीनियर तनाव में, सुरक्षा को खतरा 

जेट एयरवेज के मेंटिनेंस इंजीनियरों की एसोसिएशन ने कहा है कि तीन महीने से सैलरी नहीं मिलने के कारण ज्यादातर इंजीनियर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। इससे उड़ान के दौरान सुरक्षा संबंधी खतरे सामने आ सकते हैं। एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए को लिखे पत्र में एसोसिएशन ने कहा है कि मैनेजमेंट ने कहा था कि मार्च तक बकाया सैलरी का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। जेट एयरवेज के पास 560 इंजीनियर हैं। इनमें 490 एसोसिएशन से जुड़े हैं। एसोसिएशन ने कहा कि जल्द से जल्द सैलरी का भुगतान किया जाए। 

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