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ट्रेन में AC का सफर होगा महंगा, गरीब रथ के टिकट के भी बढ़ेंगे दाम; रेलवे ने बनाया प्‍लान

रेलवे ने डिप्‍टी कैग की ओर से बेडरोल किट के चार्ज 10 साल से नहीं बढ़ाने जाने पर सवाल उठाए जाने के बाद यह फैसला किया है।

Garib Rath & AC Train Ticket Price Hike - Indian Railways

नई दिल्‍ली.  भारतीय रेलवे के एसी क्‍लास में सफर करना आने वाले दिनों में महंगा हो सकता है। इस कवायद में खास बात यह है कि गरीब लोगों को सस्‍ते में एसी की यात्रा कराने के मकदस से शुरू की गई नो-फ्रिल एसी ट्रेन गरीब रथ एक्‍सप्रेस का भी टिकट महंगा होगा। एक सीनियर अधिकारी के अनुसार, बेडरोल किट का चार्ज अब गरीब रथ के टिकट में शामिल किया जा सकता है। वहीं, एसी कोचों में बेडरोल किट्स के लिए 25 रुपए की कीमत टिकट में ही जोड़ी जाती है, जिसे और बढ़ाया जा सकता है, क्‍योंकि पिछले 12 साल से इसमें कोई इजाफा नहीं किया गया है। 

 

 

अधिकारी ने बताया कि लिनेन के बेडरोल किट्स की बढ़ती लागत को देखते हुए यह समीक्षा की जा रही है और इसे गरीब रथ के अलावा अन्‍य दूसरी ट्रेनों में भी लागू किया जा सकता है। गरीब रथ की तरह अन्‍य दूसरी ट्रेनों में भी पिछले एक दशक से बेडरोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अहम बात यह है कि रेलवे ने डिप्‍टी कैग (कंट्रोल एंड ऑडिटर जनरल) की ओर से बेडरोल किट के चार्ज 10 साल से नहीं बढ़ाने जाने पर सवाल उठाए जाने के बाद यह फैसला किया है। 

 

टिकट महंगा होना लगभग तय  
अधिकारी ने बताया कि हम कैग की तरफ से मिले नोट की समीक्षा कर रहे हैं। कीमतें हमेश एक ही तरह नहीं रह सकती है। गरीब रथ में बेडरोल चार्ज की समीक्षा हेागी और अगले छह महीने में टिकट की कीमतों में इसे शामिल किया जा सकता है। बता दें, अभी रेलवे सभी एसी कोचों में बेडरोल किट्स की सप्‍लाई करता है और उनकी 25 रुपए कीमत टिकट में ही शामिल की जाती है। हालांकि गरीब रथ एक्सप्रेस और दूरंतो एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में ऐसा नहीं है, जहां यात्री किट की बुकिंग बिना कोई अतिरिक्त चार्ज दिए करा सकते हैं। 

 

कैग नोट में बेडरोल किट चार्ज के समीक्षा की बात 
इस नोट में बेडरोल किट्स के चार्ज की समीक्षा करने की बात कही गई है। डिप्‍टी कैग ने कहा है कि बेडरोल किट के चार्ज में बीते 12 साल से कोई बदलाव नहीं किया गया है। कैग ने सिफारिश की है कि इस चार्ज को भी ट्रेन के किराये में ही जोड़ा जाना चाहिए। इस किट में दो चादर, एक तौलिया, कवर समेत एक तकिया और एक कंबल दिया जाता है। 

 

धुलाई और खरीद लागत बढ़ी 
अधिकारी ने बताया कि रेलवे बोर्ड को यह जानकारी दे दी गई है कि विभाग ने 2006 से बेडरोल किट की लागत बढ़ गई है। कैलकुलेशन में धुलाई खर्च, इसमें लगे कर्मचारी, यात्रियों को बेडरोल देने में लगे कर्मचारी, इन्‍हें ट्रेन में रखने की जगह की लागत और इसके रखरखाव की लागत को शामिल किया गया है। किट के चार्ज में आखिरी बढ़ोत्‍तरी 12 साल पहले की गई थी। अधिकारी ने बताया, कैग की ओर से भेजे गए पत्र में रेलवे से पूछा गया है कि वह बताए कि 2006 में गरीब रथ ट्रेनों की शुरुआत के बाद से इनके चार्ज की कभी समीक्षा की गई है या फिर नहीं। 

 

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