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भारत में बन रहा है ब्रिज नं. 164, कुतुब मीनार से दोगुनी होगी ऊंचाई

ब्रिज नं. 164 को दुनिया का सबसे ऊंचा गार्टर रेल ब्रिज कहा जा रहा है। 120 km/h की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन

Bridge no. 164 World Tallest Girder Rail Bridge

नई दिल्‍ली. मोदी सरकार देश में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को सुधारने की दिशा में काफी तेजी से काम कर रही है। इसी का एक हिस्‍सा है नॉर्थ-ईस्‍ट को देश के बाकी हिस्‍सों से जोड़ना। नॉर्थ ईस्‍ट के मणिपुर में एक 111 किलोमीटर लंबी जिरीबाम-तुपुल-इंफाल रेलवे लाइन बन रही है। इसके तहत 137 पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसी लाइन का एक हिस्‍सा है ब्रिज नं. 164, इसकी ऊंचाई 141 मीटर है।

 

दिल्‍ली की कुतुब मीनार से दोगुनी ऊंचाई वाले इस ब्रिज को दुनिया का सबसे ऊंचा गार्टर रेल ब्रिज कहा जा रहा है। इस वक्‍त 139 मीटर ऊंचाई वाला यूरोप का माला-रिजेका वायाडक्‍ट दुनिया का सबसे ऊंचा ब्रिज है।   

 

इजाई नदी की घाटी में बन रहा है यह ब्रिज 

ब्रिज नं. 164 मणिपुर के नॉनी के निकट इजाई नदी की घाटी में बन रहा है। भारतीय रेलवे इसे बनाने के लिए इंटरनेशनल लेवल के तरीकों का इस्‍तेमाल कर रही है। इस ब्रिज की लागत लगभग 400 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें सेफ्टी वर्क भी शामिल है। वहीं इंफाल तक की पूरी रेलवे लाइन को बनाने की लागत 13,800 करोड़ रुपए आंकी गई है। 

 

120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है ट्रेन 

ब्रिज नं. 164 पर ट्रेन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। यह 25 टन एक्‍सल लोड तक वाली फ्रेट ट्रेनों का वजन सह सकता है। 

 

भूकंप में भी रहेगा सुरक्षित 

‍ब्रिज नं. 164 सीस्‍मिक जोन वी में स्थित होगा। यह जोन भूकंप की अधिकता वाली जोन है। लेकिन इस ब्रिज को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह भूकंप से भी सुरक्षित रहेगा और लंबे समय तक बना रहेगा। साथ ही भारी बारिश या भूकंप के चलते लैंडस्‍लाइड से बचाव के लिए भी इसमें आधुनिक टेक्‍नीक का इस्‍तेमाल किया जा रहा है। 

 

 

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