Home » Economy » Infrastructure1.95 लाख करोड़ बढ़ सकती है 350 इन्‍फ्रा प्रोजेक्‍ट्स की लागत: 350 infra projects may see cost overrun of Rs 1.95 lakh crore

1.95 लाख करोड़ बढ़ सकती है 350 इन्‍फ्रा प्रोजेक्‍ट्स की लागत, सरकार की रिपोर्ट में खुलासा

क्लियरेंस में देरी समेत कई अन्‍य वजहों से 350 इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स की लागत 1.95 लाख करोड़ रुपए बढ़ सकती है

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नई दिल्‍ली. क्लियरेंस में देरी और फंड की कमी समेत कई अन्‍य वजहों से 350 इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स की लागत 1.95 लाख करोड़ रुपए बढ़ सकती है। इनमें से प्रत्‍येक प्रोजेक्‍ट की लागत 150 करोड़ या उससे अधिक की है। सरकार की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

 

मिनिस्‍ट्री ऑफ स्‍टैटिस्टिक्‍स एंड प्रोग्राम इम्‍प्‍लीमेंटेशन 150 करोड़ रुपए या उससे ज्‍यादा के प्रोजेक्‍ट्स की मॉनिटरिंग करती है। इस साल सितंबर में जारी मिनिस्‍ट्री की फ्लैश रिपोर्ट के अनुसार, 1263 प्रोजेक्‍ट्स के पूरा होने की कुल वास्‍तविक लागत 15,53,683.89 करोड़ रुपए थी और इनके अब कम्‍प्‍लीट होने पर अनुमानित लागत बढ़कर 17,49,427.56 करोड़ हो सकती है। इस तरह, इन प्रोजेक्‍ट्स पर अब वास्‍तविक अनुमानित लागत से 1,95,743.67 करोड़ रुपए ज्‍यादा खर्च होंगे। यह वास्‍तविक लागत का 12.60 फीसदी है।

 

350 प्रोजेक्‍ट्स की लागत बढ़ी, 297 डिले

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2017 तक इन प्रोजेक्‍ट्स पर 6,79,801.38 करोड़ रुपए खर्च हो चुका है। यह प्रोजेक्‍ट्स की अनुमानित लागत का 38.86 फीसदी है। 1263 प्रोजेक्‍ट्स में से 350 की लागत बढ़ गई है और 297 प्रोजेक्‍ट्स देरी से चल रहे हैं।

 

रिपोर्ट के अनुसार, इन 1263 प्रोजेक्‍ट्स में 14 प्रोजेक्‍ट समय से पहले, 307 समय पर, 297 देरी से, 350 की लागत बढ़ी और 103 प्रोजेक्‍ट्स का समय और लागत दोनों ही अपने निर्धारित अनुमान से बढ़ गई है।  हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि प्रोजेक्‍ट्स के पूरा होने के संशोधित शेड्यूल के आधार पर डिेले प्रोजेक्‍ट्स की संख्‍या देखें तो यह घटकर 249 रह गई है।

 

मेगा प्रोजेक्‍ट्स की लागत 1.67 लाख करोड़ बढ़ी

इन 1263 प्रोजेक्‍ट्स में 380 मेगा प्रोजेक्‍ट्स है, जिनकी लागत 1000 करोड़ या इससे ज्‍यादा है। इन 380 प्रोजेक्‍ट्स की कुल वास्‍तविक लागत 11,96,304.11 करोड़ रुपए थी, जोकि अब पूरा होने की स्थिति में बढ़कर 13,62,966.67 करोड़ रुपए हो गई है। इस तरह मेगा प्रोजेक्‍ट्स की लागत 1.67 लाख करोड़ रुपए बढ़ी है, जो कि इन की वास्‍तविक लागत का 13.93 फीसदी है।

 

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2017 तक इन प्रोजेक्‍ट्स पर 5,64,940.14 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, जो कि इनकी अनुमानित लागत का 41.45 फीसदी है। 380 मेगा प्रोजेक्‍ट्स में 145 की लागत बढ़ गई है। यदि संशोधित लागत के आधार पर देखें तो ऐसे प्रोजेक्‍ट्स की संख्‍या घटकर 114 रह गई है।

 

क्‍यों बढ़ी लागत?  

रिपोर्ट के अनुसार, प्रोजेक्‍ट्स की लागत बढ़ने की अहम वजह इनका समय से पूरा न हो पाना है। इसके लिए लैंड एक्विजिशन, फॉरेस्‍ट क्लियरेंस और इक्विपमेंट की सप्‍लाई में देरी, फंड की कमी, माअोवादी हिंसा, कानूनी मामले और कानून व्‍यवस्‍था जैसी वजहें जिम्‍मेदार हैं।

 
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