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चीन की घेराबंदी के लिए भारत का प्लान, इस आईलैंड कंट्री में बनाने जा रहा है पहला भारतीय Port

दक्षिणपूर्वी एशिया में चीन को मिलेगी भारत से टक्कर

India To Develop Deep Sea Port In Indonesia To Counter China

India To Develop Deep Sea Port In Indonesia To Counter China: दक्षिणपूर्वी एशिया में भारत अपनी दस्तक दे रहा है। अंडमान और निकोबार के करीब इंडोनेशिया के सबांग में भारत अपना पहला डीप-सी पोर्ट तैयार कर रहा है। ऐसे समय में जब चीन आसियान (ASEAN) देशों से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए Belt and Road Initiative (BRI) पर लगातार काम कर रहा है, भारत का यह कदम काफी अहमियत रखता है। सबांग पोर्ट भारत और इंडोनेशिया के बीच सामरिक साझेदारी के तहत तैयार हो रहा है।

नई दिल्ली.

दक्षिणपूर्वी एशिया में भारत अपनी दस्तक दे रहा है। अंडमान और निकोबार के करीब इंडोनेशिया के सबांग में भारत अपना पहला डीप-सी पोर्ट तैयार कर रहा है। ऐसे समय में जब चीन आसियान (ASEAN) देशों से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए Belt and Road Initiative (BRI) पर लगातार काम कर रहा है, भारत का यह कदम काफी अहमियत रखता है। सबांग पोर्ट भारत और इंडोनेशिया के बीच सामरिक साझेदारी के तहत तैयार हो रहा है।

 

चीन से निपटने के लिए मिलेगी ताकत

यह डीप-सी पोर्ट दक्षिणपूर्वी एशिया में भारत को मजबूती देगा। इससे भारत चीन के प्रभुत्व को टक्कर दे सकेगा। इंडो-पैसिफिक रणनीति काे धार देने में यह पोर्ट प्रमुख भूमिका अदा करेगा। फिलहाल एक भारतीय कोस्ट गार्ड जहाज Vijit 17 से 20 मार्च तक के लिए सबांग दौरे पर है।

 

दोनों देशों की साझा मुहिम

दोनों देशों ने अपनी-अपनी इंडो-पैसिफिक रणनीति के तहत मैरीटाइम कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए पिछले साल इस पोर्ट के निर्माण की योजना को लॉन्च किया था। दोनों देश कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए एक-दूसरे की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल मई में जब भारतीय प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के दौरे पर गए थे, तो दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मैरीटाइम सहयोग को लेकर साझा नजरिया जाहिर किया था।

 

चीन के BRI में भागीदारी करेगा इंडोनेशिया

इंडोनेशिया चीनी इंवेस्टर्स के सामने 91.1 अरब डॉलर (6,26,722 करोड़ रुपए) के 28 प्राेजेक्ट्स प्रस्तावित करने जा रहा है। इसके जरिए इंडोनेशिया चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव में भागीदारी करने जा रहा है। ऐसे में इंडोनेशिया में भारत की मौजूदगी चीनी प्रभाव को कम करने के लिए अहम साबित होगी।

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