1962 के युद्ध से नहीं सीखा सबक, चीन ने तैनात कर दी तोप, अब भारत बनाएगा सीमा पर सड़कें

1962 के भारत-चीन युद्ध में भारत की हार की वजह यही थी कि चीन के पास इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर सैनिकों की संख्या के मामले में भारत से कहीं आगे था। भारत को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि चीन हमला करेगा इसलिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी नहीं समझा। तब से अब तक इतने साल बीतने के बाद भी भारत ने उस हार से कोई सबक नहीं लिया। अब जब भारतीय सीमा से सटे तिब्बत (Tibet) में चीन ने होवित्जर तोपों (Howitzer Gun) को तैनात का दिया है, तब भारत सरकार वहां सड़कें बनाने जा रही है।

Money Bhaskar

Jan 13,2019 06:14:00 PM IST

नई दिल्ली. 1962 के भारत-चीन युद्ध में भारत की हार की वजह यही थी कि चीन के पास इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर सैनिकों की संख्या के मामले में भारत से कहीं आगे था और उस वक्त के पीएम हिंदी-चीनी भाई-भाई का नारा लगा रहे थे। ऐसे में भारत को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि चीन हमला करेगा इसलिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प जोर नहीं दिया गया। तब से अब तक इतने साल बीतने के बाद भी भारत ने उस हार से कोई सबक नहीं लिया। अब जब भारतीय सीमा से सटे तिब्बत (Tibet) में चीन ने होवित्जर तोपों (Howitzer Gun) को तैनात का दिया है, तब भारत सरकार वहां सड़कें बनाने जा रही है।

21 हजार करोड़ रुपए का आएगा खर्च

केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की इस महीने जारी वार्षिक रिपोर्ट (2018-19) के अनुसार एजेंसी को भारत-चीन सीमा पर 44 सामरिक रूप से महत्त्वपूर्ण सड़कों का निर्माण करने के लिए कहा गया है जिससे किसी संघर्ष की स्थिति में सेना को तुरंत जुटाने में आसानी हो। इस परियोजना की लगात 21,000 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसके साथ ही सरकार पाकिस्तान से सटे पंजाब एवं राजस्थान में करीब 2100 किलोमीटर की मुख्य एवं संपर्क सड़कों का निर्माण करेगी। बता दें कि भारत एवं चीन के बीच करीब 4,000 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक के इलाकों से गुजरती है।

चीन ने तोप तान दी, तब शुरू किया यह प्रोजेक्ट

चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अपनी युद्ध क्षमता को बढ़ाने के लिए भारतीय सीमा से सटे तिब्बत (Tibet) में होवित्जर तोपों (Howitzer Gun) को तैनात किया है। चीन की मीडिया ने आधिकारिक रूप से इस बात की जानकारी दी। आपको बता दें कि चीन ने कुछ समय पहले ही इस इलाके में हल्के युद्धक टैंक तैनात किए थे। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में PLA अपनी शक्ति में बढ़ोतरी करना चाहती है। जिसके लिए मोबाइल होवित्जर तोपों की तैनाती हुई है। इसका उद्देश्य सैनिकों की उच्च ऊंचाई पर युद्ध क्षमता को बढ़ाना और सीमा सुरक्षा को और मजबूत करना है। 2017 में भारत और चीन के बीच गतिरोध में भी इन तोपों को तैनात किया गया था।

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