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Home » Economy » InfrastructureNew highway between India, Myanmar and Thailand to be opened soon

भारत को 3 देशों से जोड़गा ये हाईवे, मात्र 3 साल में बनकर होगा तैयार, दिखेगा इंजीनियरिंग का नायाब नमूना

कई खूबसूरत वादियों से होकर 69 पुलों के सहारे पूरा होगा रास्ता, ये हाईवे कई वजहों से होगा खास

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नई दिल्ली. भारत, म्यांमार और थाईलैंड को जोड़ने वाले 1360 किमी. लंबे हाईवे के निर्माण में कमाल की इंजीनियरिंग का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। भारत के लिए यह पुल न सिर्फ रणनीतिक बल्कि पर्यटन के लिहाज से फायदेमंद साबित होगा। साथ ही यह हाईवे नाॅर्थ-ईस्ट के विकास में भागीदार बनेगा। यह हाईवे मणिपुर के मोरेह से म्यांमार के तामू शहर तक जाएगा। इस हाईवे को तीन हिस्सों में बनाया जा रहा है। इसके दो हिस्सों का निर्माण म्यांमार सरकार कर रही है। इस हाईवे को मात्र तीन साल में दिसबंर 2019 तक पूरा करने की डेडलाइन तय की गई है। 

 

हाईवे के निर्माण में 2 हजार करोड़ का आएगा खर्च 

विदेश मंत्रालय की तरफ से संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक इस हाईवे के निर्माण में करीब 2 हजार करोड़ रुपए तक खर्च आएगा। इस हाईवे का रास्ता 69 पुलों से होकर गुजरेगा। इन पुलों को बनाने में 371.58 करोड़ का खर्च आएगा, जबकि हाईवे को बनाने में करीब 1459.29 करोड़ खर्च आएगा। इस हाईवे के निर्माण से भारत से सीधे थाईलैंड तक का सफर रोड से तय किया जा सकेगा। इस हाईवे से होकर गुजरने वाले रास्ते में कई शानदार वादियों का दीदार हो सकेगा। 

चीनी पकड़ को कमजोर करने की कोशिश

मोदी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद लुक ईस्ट की नीति को अपनाया है। इसके तहत म्यांमार, थाईलैंड, वियतनाम जैसे देशों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की गई। बता दें कि म्यामांर में चीन की काफी मजबूत पकड़ है। हालांकि भारत ने भी म्यांमार से दोस्ती बढ़ाकर चीन को चित करने का प्लान बना रखा है। साथ ही कल्चरल तौर पर भी पूर्वी देशों के साथ संपर्क साधने की कोशिश हो रही है। 

 

 

द्विपक्षीय मोटर वाहन समझौते पर विचार 

भारत और म्यांमार इस हाईवे पर आम नागरिकों की यातायात सुविधा को सरल बनाने के लिए एक समझौता कर सकते हैं। इसके तहत दोनों देशों के वो नागरिक जिनके पास अपने देश को पासपोर्ट और वीजा हैं, वो बिना किसी खास अनुमति के सीमा आर-पार जा सकते हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच बस सेवा के लिए ऑपरेटरों का चयन करना होगा। इसके लिए दोनों देश में द्विपक्षीय मोटर वाहन समझौते पर विचार हो रहा है, जिससे कि माल और यात्री आवागमन आसान हो सके।

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