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चुनावी मेनफिस्टो में इन चीजों को शामिल करने पर चीन को पछाड़ सकता है भारत, औद्योगिक संगठनों ने दिए टिप्स 

Loksabha Election 2019: CII ने पार्टियों को दी सलाह, अगले पांच साल में भारत हासिल कर सकता है 8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट 

Loksabha Election 2019:CII advised political parties, India can achieve 8 percent growth rate

नई दिल्ली. 
भारत अगले पांच साल में  ही चीन को पछाड़ सकता है। इसके लिए जीएसटी, कारपोरेट इंकम टैक्स व विनिवेशीकरण आदि के अहम सुधार करने होंगे। भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industries, CII) ने इसका पूरा खाका तैयार कर इलेक्शन मेनिफिस्टो तैयार किया है। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए राजनीतिक पार्टियों को सलाह दी है कि यदि वे इसे अपने मेनिफिस्टो में शामिल करें तो भारत 8 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर सकता है। 

आर्थिक विकास के लिए चुनावी सुधार भी जरूरी 

सीआईआई के इस आर्थिक रोडमैप में   कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण सहित कई विषयों को शामिल किया गया है। इसमें अनुमान लगाया है कि इन सभी सेक्टरों में हर वर्ष औसतन 8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की जा सकती है। CII में महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि उद्योग के सदस्यों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा के बाद वर्ष 2024 तक का रोड मैप बनाया गया है।  आर्थिक ताकत, तकनीकी जीवन शक्ति और नैतिक नेतृत्व का भारत बनाने के लिए इसमें महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उनका मानना ​​है कि राजनीतिक दल इन सुझावों पर विचार करेंगे और उन्हें शामिल करेंगे। सीआईआई द्वारा सुझाए गए घोषणापत्र में प्रशासनिक, न्यायिक और पुलिस सुधारों पर प्रकाश डाला गया है। बनर्जी ने कहा कि हम शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे पर सर्वोच्च प्राथमिकता देने की सलाह दी है। चुनावी सुधारों पर सीआईआई वर्ष 2024 से संसद और राज्य विधानसभाओं के एक साथ चुनावों के लिए एक मॉडल तैयार करने का सुझाव दिया है। 


CII घोषणापत्र में बताए हैं यह अहम कदम 

Tax

  • जीएसटी के स्लैब को 2 या 3 तक सीमित कर टैक्स में कमी की जानी चाहिए। 
  • कॉरपोरेट आयकर में 18 प्रतिशत तक की कमी की जाए। 

Disinvestment 

  • पहले फेस में सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में सरकारी हिस्सेदारी को 51 प्रतिशत कम किया जाना चाहिए।
  •  फेस 2 से 26 प्रतिशत और फेस 3 से शून्य में किया जाना चाहिए।
  • सरकार को पांच साल के भीतर कारोबार से बाहर निकल जाना चाहिए। 

Social spending

  • शिक्षा पर सार्वजनिक व्यय को बढ़ाकर जीडीपी का 6 प्रतिशत करना चाहिए। 
  • स्वास्थ्य पर सार्वजनिक व्यय में वृद्धि कर जीडीपी का 3 प्रतिशत करना चाहिए। 
  • अनुसंधान और विकास के लिए अनुदान को जीडीपी के 1 प्रतिशत तक बढ़ाया जाना चाहिए। 

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