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Home » Economy » InfrastructureIndia 1st vertical lift Pamban bridge, PM Modi to lay foundation stones

250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा देश का पहला वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज, पीएम मोदी ने किया शिलान्यास

इसमें जहाजों को पार कराने के लिए पहली बार वर्टिकल लिफ्ट स्पैन लगा होगा

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को तमिलनाडु के दौरे पर थे। इस दौरान पीएम मोदी ने रामेश्वरम और धनुषकोडी के बीच रेल लाइन की आधारशिला रखीं। भारतीय रेलवे रामेश्वरम को मुख्य भूमि भारत से जोड़ने वाला देश का पहला वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह ब्रिज 104 साल पुराने मौजूदा पम्बन ब्रिज की जगह लेगा।नए पुल को इस तकनीक से बनाया जाएगा कि उसका एक हिस्सा बीच से लिफ्ट की तरह ऊपर उठ जाए और जहाजों के आने-जाने के लिए रास्ता दे सके। इसलिए इसका नाम वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज रखा गया है। जहाजों के गुजर जाने के बाद पुल का वह हिस्सा फिर से अपनी जगह पर आ जाएगा और ट्रेनें वहां से गुजर सकेंगी। बता दें कि इस प्रोजेक्ट को बनाने में करीब 250 करोड़ रुपका खर्च आएगा।

 

नई रेल लाईन रामेश्वरम से धनुषकोडी तक 18 किलोमीटर लंबी होगी

नई रेल लाईन रामेश्वरम से धनुषकोडी तक 18 किलोमीटर लंबी होगी। यह पुल समदर के ऊपर तमिलनाडु के मंडपम से रामेश्वरम के बीच मौजूद है। रामेश्वरम-धनुषकोडि रेल लाइन से कई पर्यटकों को लोकप्रिय पर्यटन स्थल का लाभ मिलेगा। यह खंड आधुनिक सिग्नलिंग उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सुविधाओं से भी लैस होगा, जिसमें 31 छोटे पुल और 10 रोड ओवर ब्रिज होंगे। नए रामेश्वरम-धनुषकोडि सेक्शन में 3 हाल्ट रेलवे स्टेशन होंगे। इसके अलावा, रेलवे स्टेशनों को इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सभी सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा, जिसमें विशेष पर्यटक ट्रेनें इस गंतव्य तक चल रही हैं।

 

आधुनिकतम प्रौद्योगिकी का होगा इस्तेमाल

 

पम्बन ब्रिज को दुनिया की आधुनिकतम तकनीक से बनाया जाएगा। इसमें जहाज़ों को पार कराने के लिए पहली बार वर्टिकल लिफ्ट स्पैन लगा होगा। साथ ही इसमें भविष्य के लिए दो रेल लाइन और इलेक्ट्रिफिकेशन को ध्यान में रखा जायगा। नए ब्रिज को पुराने ब्रिज से 3 मीटर ज्यादा ऊंचाई पर बनाया जायेग ताकि हाई टाइड के समय इसपर पानी न आ सके।

रेलवे के मुताबिक, पुल का निर्माण आधुनिकतम प्रौद्योगिकी से होगा, जिनका इस्तेमाल केवल यूरोप में हुआ है। मसलन, पुराने पुल से इतर नए पुल में बीच का हिस्सा लिफ्ट की भांति सीधा ऊपर-नीचे होगा।

 

पर्यटकाें और तीर्थयात्रियों को मिलेगी राहत

 

पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को धनुषकोडी शहर के लिए बहुत आवश्यक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। धनुषकोडी राम सेतु का प्रारंभिक बिंदु है, जिसे हिंदू तीर्थयात्रा बिंदु कहा जाता है।

4 साल में तैयार होगा ब्रिज


यह पुल अगले 4 साल में बनकर तैयार हो जाएगा। साथ ही पम्बन में रामेश्वरम और धनुषकोटी को जोड़ने वाली रेलवे की लिंक लाइन भी तैयार हो जाएग।

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