Home » Economy » InfrastructureHow to increase the speed of your fan

25 + 5 रुपए में तूफानी रफ्तार देगा पंखा, खुद कर सकते हैं ये काम

बहुत छोटी सी और आसानी से मि‍ल जाने वाली दो चीजों की बदौलत आप पंखे की तूफानी रफ्तार वापस पा सकते हैं।

1 of
नई दिल्‍ली। गर्मि‍यां आ गई हैं और कई बार बेवजह आपके पंखे की रफ्तार कम हो जाती है। अगर पंखा पुराना है तो आप ये कहकर संतोष कर लेते हैं कि‍ पुराना हो गया है अब कहां से रफ्तार देगा। पंखा नया होता है आप इस बात के लि‍ए कोसते हैं कि जरूर चीनी मोटर लगी होगी। मगर कई बार इन दोनों में से कोई वजह नहीं होती। बहुत छोटी सी और आसानी से मि‍ल जाने वाली दो चीजों की बदौलत आप पंखे की तूफानी रफ्तार वापस पा सकते हैं। खास बात ये है कि इन काम को आप घर पर ही कर सकते हैं।  जो काम 25 रुपए में होना है उसके लि‍ए तो आपको पंखा नहीं उतारना पड़ेगा पर 5 रुपए वाले काम के लि‍ए आपको पंखा उतारना पड़ेगा और थोड़ा वक्‍त भी लगाना पड़ेगा। जानें कैसे  आप फूंक सकते हैं अपने पंखे में नई जान

बदलना होगा कंडेंसर 
पंखे के ठीक ऊपर वाली प्‍लास्‍टि‍क की कटोरी में लगा होता है इसका कंडेसर। कंडेसर होने की वजह से करंट सीधे पंखे की मोटर तक नहीं जाता। यह उसे कंट्रोल करता है, मगर इसी की माल फंक्‍शनिंग की वजह से आपके पंखे को वाजि‍ब बि‍जली नहीं मि‍लती और उसकी रफ्तार धीमी हो जाती है। इसकी कीमत महज 25 रुपए होती है। आप इसे खुद बदल सकते हैं। बस बदलने से पहले तारें कैसे- कैसे जुड़ी हैं इसका एक फोटो जरूर खींच लें। क्‍योंकि आप तारें हटाकर इसे खोल लेंगे मगर लगाते वक्‍त अक्‍सर ये कनफ्यूजन हो जाता है कि अब कनेक्‍शन लगाना कैसे है। कि‍सी भी बि‍जलीवाले की दुकान पर आसानी से कंडेसर मि‍ल जाएगा। यूपी बिजली विभाग से रिटायर इंजीनियर देवकी नंदन शांत का कहना है कि आमतौर पर पंखाें में कंडेंसर पुराने होने पर पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाते हैं। ऐसे में अगर इनको बदल दिया जाए तो पंखे की गति बढ़ जाती है। 

सीलिंग फैन में इंडक्‍शन मोटर होती है। इन मोटर में कॉपर की कॉयलिंग होती है। कॉयल इंडक्‍टिव होती है, उनमें पावर नहीं होती। पंखे की मोटर को घुमाने के लि‍ए काफी पावर पैदा करने की जरूरत होती है। इसके अलावा अगर करंट कम हो तो पंखे तो रफ्तार पकड़ाने के लि‍ए मोटर को बहुत मेहनत करनी पड़ती है, इससे बि‍जली की खपत बढ़ जाती है। कैपेसि‍टर या जि‍से हम आप भाषा में कंडेसर भी कह देते हैं उसका काम मोटर को शुरुआती ताकत देना होता है। कैपेसि‍टर दो तरह के होते हैं एक स्‍टार्ट कैपेसि‍टर और दूसरा रन कैपेसि‍टर। 

आगे पढ़ें - कैसे काम आएंगे 5 रुपए 

बैरिंग पर लगाएं ग्रिस
पंखे में सबसे नीचे बॉल बैरिंग लगे होते हैं। अगर इनमें ग्रीस कम हो जाती है तो इसका असर पंखे की रफ्तार पर पड़ता है। बैरिंग पर ग्रीस लगाना भी आसान काम है। हालांकि‍ इसके लि‍ए आपको पंखे को नीचे उतारना होगा। पंखे के सारे नट खोल कर मोटर को अलग कर दें। पंखे के आउटर लेयर में बैरिंग होते हैं। इसमें आप उंगली या फि‍र कि‍सी भी चीज से ग्रीस लगा सकते हैं। बॉल बैरिंग को बाहर नि‍कालने की जरूरत नहीं है। एक मोटे इंजेक्शन के आगे की सुई नि‍कालकर उसमें ग्रीस भरकर इंजेक्शन की तरह भी ग्रीस लगा सकते हैं। ध्‍यान रहे ग्रीन पुरानी नहीं होनी चाहि‍ए। पुरानी ग्रीस हार्ड हो जाती है। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट