Home » Economy » InfrastructureHome buyers will now get status of Creditors

अब बि‍ल्‍डर की प्रॉपर्टी में हि‍स्‍सेदार बनेंगे खरीददार, नया कानून मंजूर

राष्‍ट्रपति‍ कोविंद ने इससे संबंधि‍त अध्‍यादेश को मंजूरी दे दी है।

1 of

नई दि‍ल्‍ली। घर खरीदने के लि‍ए बिल्‍डर को पैसा देने वालों के अधि‍कारों की सुरक्षा को लेकर नया कानून बन गया है। अब घर खरीदने वालों को कर्जदाता यानी लेनदार माना जाएगा। खरीददारों के हि‍तों के संरक्षण के लि‍ए लंबे समय से इस तरह के कानून की मांग उठ रही थी। राष्‍ट्रपति‍ कोविंद ने इससे संबंधि‍त अध्‍यादेश को मंजूरी दे दी है। इसका मतलब ये हुआ कि‍ अगर कोई रि‍एल एस्‍टेट कंपनी डूबती है या दि‍वालि‍या घोषित होती है, तो उसकी संपत्ति की नीलामी में घर खरीदारों का भी हिस्सा होगा। 


बढ़ गया दर्जा 
इनसॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड (संशोधन) अध्‍यादेश 2018 को मंजूदी दे दी गई है। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबि‍क, इस नि‍यम से नि‍वेशकों को कर्जदाता का दर्जा मि‍ल जाएगा। इससे वह नीति‍ तय करने की प्रक्रि‍या में भी हि‍स्‍सा ले सकेंगे और कंपनी के खिलाफ जरूरत पड़ने पर धारा 7 का भी इस्‍तेमाल कर सकेंगे। 


धारा 7 कर्जदाताओं को कंपनी के दि‍वालि‍या घोषि‍त करने की प्रक्रि‍या के लि‍ए आवेदन करने की अनुमति‍ देती है। रियल्टी कंपनियों के डूबने की स्थिति में अब तक संपत्ति की नीलामी में बैंक का ही हिस्सा होने का प्रावधान था, लेकिन अब नीलामी में होम बायर्स का भी हिस्सा होगा। आगे पढ़ें 

मिलेगा बड़ा फायदा 
इससे किसी भी डेवेलपर के डिफॉल्ट करने पर घर खरीदार को उसकी पूरी रकम या एक बड़ा हि‍स्‍सा मि‍ल सकेगा। इससे रिफंड की प्रक्रिया भी तेज होगी, जो पहले लंबे समय तक फंसी रहती थी और घर खरीदार डेवलपर और कोर्ट के चक्कर काटते रह जाते थे। 
दिवालियापन कानून में संशोधन के लिए सरकार ने 14 सदस्यों की समिति बनाई थी, जिसने अप्रैल में अपनी रिपोर्ट दी थी। समिति ने घर खरीदने वालों की परेशानियां दूर करने और बैंकों के लिए रिकवरी आसान करने संबंधी सुझाव दिए थे। उन्‍हें ध्‍यान में रखते हुए यह अध्‍यादेश लाया गया है। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट