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भारत के इस प्रोजेक्ट से खत्म हो जाएगी चीन की बादशाहत, जारी की पहली किस्त

इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए भारत देगा 1830 करोड़, सरकार ने संसद में दी जानकारी

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नई दिल्ली. भारत को तीन देशों से जोड़ने के लिए बनाए जाने वाले हाईवे के लिए 1830.87 करोड़ के फंड की मंजूरी दी है। इसे तीन सेक्शन में बनाया जाएगा। इसके दो सेक्शन के निर्माण में भारत की ओर म्यांमार सरकार को वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके लिए भारत सरकार की ओर से 193.16 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है। केंद्रीय रोड परिवहन राज्य मंत्री मनसुख लाल मांडवीय ने आज यानी 3 जनवरी को संसद में इस मामले में जानकारी दी। 

 

तीन देश मिलकर बना रहे हैं ये प्रोजेक्ट 

भारत, म्यांमार और थाइलैंड को जोड़ने वाले 1360 किमीं. लंबे इस हाईवे को तीन देश मिलकर बना रहे हैं। भारत इस हाईवे के दो सेक्शन का निर्माण करेगा। इसके क्लेवा-यांग्यी (Kalewa-Yagyi) रोड सेक्शन के निर्माण के लिए भारत सरकार ने 193.16 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इस सेक्शन में 120.74 किमीं. रोड सेक्शन होगा, जबकि 69 पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा दूसरा सेक्शन 149.70 किमीं तामू-कियोंग-क्लोवा सेक्शन होगा।इन दोनों सेक्शन के निर्माण में भारत सरकार की ओर से म्यांमार सरकार को वित्तीय सहायता दी जाएगी।   

 

खत्म होगी चीन की बादशाहत

इस हाईवे निर्माण से म्यांमार और थाईलैंड में चीनी प्रभाव को कम किया जा सकेगा। दरअसल चीन लंबे अरसे से म्यांमार, थाईलैंड और बांग्लादेश के सहारे भारत को घेरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में चीन की ओर से थाईलैंड के साथ वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो कि भारत के लिए एक खतरे की घंटी थी। ऐसे में भारत ने म्यांमार और थाईलैंड के साथ मिलकर चीन की बादशाहत को खत्म करने के इरादे से इस प्रोजेक्ट की नींव रखी। 

निर्माण में दिखेगा इंजीनियरिंग का नायाब नमूना

भारत, म्यांमार और थाईलैंड को जोड़ने वाले 1360 किमी. लंबे हाईवे के निर्माण में कमाल की इंजीनियरिंग का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। भारत के लिए यह पुल न सिर्फ रणनीतिक बल्कि पर्यटन के लिहाज से फायदेमंद साबित होगा। साथ ही यह हाईवे नॉर्थ-ईस्ट के विकास में भागीदार बनेगा। यह हाईवे मणिपुर के मोरेह से म्यांमार के तामू शहर तक जाएगा। इस हाईवे को मात्र तीन साल में बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हाईवे के निर्माण से भारत से सीधे थाईलैंड तक का सफर रोड से तय किया जा सकेगा। इस हाईवे से होकर गुजरने वाले रास्ते में कई शानदार वादियों का दीदार हो सकेगा। 

तीनों देशों में होना है द्विपक्षीय मोटर वाहन समझौता   

भारत और म्यांमार इस हाईवे पर आम नागरिकों की यातायात सुविधा को सरल बनाने के लिए एक समझौता कर सकते हैं। इसके तहत दोनों देशों के वो नागरिक जिनके पास अपने देश को पासपोर्ट और वीजा हैं, वो बिना किसी खास अनुमति के सीमा आर-पार जा सकते हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच बस सेवा के लिए ऑपरेटरों का चयन करना होगा। इसके लिए दोनों देश में द्विपक्षीय मोटर वाहन समझौते पर विचार हो रहा है, जिससे कि माल और यात्री आवागमन आसान हो सके।

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