भारत की आर्थिक नाकेबंदी में फंस गया Pakistan, पाकिस्तान के बैंकर्स हो गए अपनी ही सरकार के खिलाफ

 Bankers in Pakistan see negative impact of FATF fresh warning for Pakistan फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स(FATF) की नई चेतावनी से पाकिस्तानी बैंकर्स में बेचैनी छाई हुई हैं। FATF की नई चेतावनी से पाकिस्तान के बैंकर्स इतना घबरा गए हैं कि उन्होंने पाकिस्तान सरकार को सुधर जाने के लिए कहा है। बैंकर्स ने Pakistan सरकार से आतंक को फंडिंग करना बंद करने और हवाला जैसे कारोबार से बाज आने के लिए कहा है। पाकिस्तान के बैंकर्स को डर है कि पाकिस्तान सरकार आतंकवाद को आर्थिक मदद करने की आदत नहीं छोड़ती है तो वे डूब जाएंगे।

Money Bhaskar

Feb 23,2019 03:31:00 PM IST

नई दिल्ली। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स(FATF) की नई चेतावनी से पाकिस्तानी बैंकर्स में बेचैनी छाई हुई हैं। FATF की नई चेतावनी से पाकिस्तान के बैंकर्स इतना घबरा गए हैं कि उन्होंने पाकिस्तान सरकार को सुधर जाने के लिए कहा है। बैंकर्स ने Pakistan सरकार से आतंक को फंडिंग करना बंद करने और हवाला जैसे कारोबार से बाज आने के लिए कहा है। पाकिस्तान के बैंकर्स को डर है कि पाकिस्तान सरकार आतंकवाद को आर्थिक मदद करने की आदत नहीं छोड़ती है तो वे डूब जाएंगे।

इन बैंकर्स को इस बात की चिंता सता रही है कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो FATF पाकिस्तान को वर्तमान ग्रे सूची से और डाउनग्रेड कर देगा। ऐसा होता है तो Pakistan कहीं का नहीं रह जाएगा क्योंकि तब पाकिस्तान को विश्व से फूटी कौड़ी तक मदद के रूप में नहीं मिलेगी। फिलहाल पाकिस्तान की हरकतों की वजह से ही FATF ने उसे ग्रे सूची में डाल रखा है। 17-22 फरवरी तक फ्रांस की राजधानी पेरिस में FATF की बैठक हुई। बैठक में भारत के नुमाइंदों ने भी शिरकत की और भारत यहां पाकिस्तान को पूरी तरह से घेरने की कोशिश की। इसका परिणाम यह हुआ कि FATF की तरफ से पाकिस्तान को ताजा चेतावनी दी गई।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.