Home » Economy » InfrastructureAngadias ferry diamonds worth cores on daily basis in a very secret style

कपड़ों में करोड़ों के हीरे लेकर चलते हैं ये लोग, मोदी की है अब टेढ़ी नजर

हो सकता है बेहद साधारण से दि‍खने वाला एक शख्‍स आपकी साथ वाली सीट पर करोड़ों के हीरे लि‍ए बैठा हो।

1 of

मुंबई। अगर आप मुंबई या गुजरात की कि‍सी लोकल ट्रेन या बस में सफर कर रहे हैं तो हो सकता है बेहद साधारण से दि‍खने वाला एक शख्‍स आपकी साथ वाली सीट पर करोड़ों के हीरे लि‍ए बैठा हो। हीरे भी उसके अपने नहीं बल्‍कि‍ कि‍सी और के। ये होते हैं आंगड़ि‍या। गुजरात और मुंबई के हीरा कारोबार की सबसे भरोसेमेंद कड़ी।

अगर कोई पूछे कि‍ आंगड़ि‍या दि‍खते कैसे हैं तो इसका जवाब होगा वो सबके जैसे दि‍खते हैं। यही उनकी खासि‍यत है कि‍ उनका कोई चेहरा नहीं होता वो भीड़ में से कोई भी शक्‍ल हो सकती है। पोटली में करोड़ों होने के बावजूद उनका व्‍यवहार बेहद सामान्‍य होता है और शाति‍र नि‍गाहें भी उन्‍हें पहचान नहीं पातीं। आगे पढ़ें अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है भरोसा 

 

70 हजार करोड़ का माल पहुंचाते हैं 
आज अकेले मुंबई में करीब 5 से 7 हजार आंगड़ि‍या हैं। आमतौर पर ये लोग गुजरात के काठि‍वाड़ इलाके से आते हैं, जि‍समें सुरेंद्रनगर, जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर, राजकोट, अमरेली और भावनगर जि‍ला शमि‍ल है। इनमें से ज्‍यादातार लेवा पटेल समुदाय के हैं। मुंबई से रफ डायमंड लेकर सूरत पहुंचाने और पॉलि‍श हुए हीरे सूरत से लेकर मुंबई पहुंचाने का काम इन्‍हीं आगड़ि‍यों के हाथ में है। 
मीडि‍या रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, ये लोग सालाना 70 हजार करोड़ का माल इधर से उधर पहुंचाते हैं।  बीते दि‍नों जीएसटी वि‍भाग और सेंट्रल एक्‍साइज ने एक संयुक्‍त छापेमारी में 85 आंगड़ि‍यों को हि‍रासत में ले लि‍या था। इनसे उन्‍होंने 90 बैग जब्‍त कि‍ए जि‍नमें 1042 बहुमूल्‍य पार्सल थे।  कारोबारी सूत्रों के मुताबि‍क, आंगड़ि‍या रोज औसतन 2000 हीरों के पार्सल सूरत और मुंबई के बीच लाते ले जाते हैं। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट