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Home » Economy » InfrastructureAfter Bullet trains government sets sights on Maglev trains

जापान और चीन के बाद भारत में आएगी हवा में तैरने वाली ट्रेन, 800 कि.मी प्रति घंटे की गति से दौड़ेगी, इन 4 रूटों पर चल सकती है

बुलेट ट्रेन के बाद अब सरकार की निगाहें मैग्लेव ट्रेन पर हैं

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नई दिल्ली। देश में जहां एक ओर बुलेट ट्रेन शुरू होने वाली है वहीं वैज्ञानिक इस तकनीक को और आगे ले जाने की तैयारी में जुटे हैं। इसी कड़ी में इंदौर के राजा रामन्ना सेंटर फाॅर एडवांसड टेक्नोलाॅजी (EECAT) के वैज्ञानिकों ने बहुचर्चित ‘मैग्लेव’ ट्रेन (Maglev train) का प्रोटोटाइप माॅडल बनाने में कामयाबी हासिल की। यह ट्रेन पहियों से नहीं बल्कि हवा में तैरते हुए चलती है। इसे मैग्नेटिक सिस्टम यानी चुंबकीय प्रणाली कहते है। फिलहाल ऐसी ट्रेनें जापान और चीन के पास ही है।

 

इसके लिए इन 4 रूटों की पहचान की गई है

जापान में मैग्लेव ट्रेन 600 कि.मी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है। RRCAT में वैज्ञानिक 10 साल से इस तकनीक के ऊपर काम कर रहे हैं। बुलेट ट्रेन के बाद अब सरकार की निगाहें मैग्लेव ट्रेन पर हैं। रेलवे ने 2016 में मैग्लेव ट्रेन के लिए ग्लोबल टेंडर निकाला था, तीन विदेशी कंपनियों ने आवेदन किया था। बेंगलुरु से चेन्नै, हैदराबाद से चेन्नै, नई दिल्ली से चंडीगढ़ और नागपुर से मुंबई, यानी 4 रूटों की पहचान की गई है। 

 

ऐसा है इसका सिस्टम

 

मैग्लेव ट्रेन पटरियों पर दौड़ती नहीं है बल्कि पटरी से थोड़ा ऊपर हवा में तैरती है। चूंकि चुंबक में नॉर्थ और साउथ दो पोल होते हैं और समान पोल आपस में नहीं मिलते बल्कि एक-दूसरे से दूर भागते हैं। इस ट्रेन की तकनीक ठीक इसी सिद्धांत पर काम करती है। 

 

 

 

हाई स्पीड ट्रेनों का बढ़ता क्रेज


भारत में हाई स्पीड ट्रेनों को लेकर पिछले दिनों खासा क्रेज देखने को मिला है। एक तरफ बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट पर काम शुरू है। वहीं, वंदे भारत एक्सप्रेस नाम की हाई स्पीड ट्रेन शुरू हो गई है।

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