परियोजना /चार धाम को जोड़ने के लिए 899 किमी लम्बा सड़क मार्ग बनेगा, 604 किमी कार्य हुआ पूरा

  •  इस परियोजना को ऑल वेदर रोड परियोजना नाम दिया गया है

Moneybhaskar.com

Jul 10,2019 01:48:23 PM IST

नई दिल्ली. उत्तराखंड में चारधाम को जोड़ने वाली 'ऑल वेदर' सड़क परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसका निर्माण कार्य 1 साल में पूरा कर लिया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा कुल 11,700 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 899 किमी मार्ग के सुधार और चौड़ीकरण का निर्माण कार्य होना है। अब तक इस परियोजना के तहत 7925 करोड़ रुपए की लागत से 604 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जा चुका है। इसके अलावा शेष लंबाई में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के स्तर पर है। बता दें कि इस परियोजना को मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसमें विभिन्न अधिकरणों / न्यायालयों में वन और पर्यावरण अनापत्ति से संबंधित मुकदमेबाजी के कारण देरी हुई है और इसलिए इस कार्यक्रम के पूरा होने की सही तारीख चल रहे मुकदमे के अंतिम परिणाम पर निर्भर करती है।

सरकार का उद्देश्य पहाड़ी राज्य के चार पवित्र स्थलों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को जोड़ना है

इस प्रोजेक्ट के तहत चारधाम के साथ-साथ चीन की सीमा तक अच्छी और पक्की सड़क बनेगी। सरकार का उद्देश्य पहाड़ी राज्य के चार पवित्र स्थलों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को जोड़ना है।बता दें कि इस योजना के तहत सरकार चारधाम की यात्रा को 12 महीने सुगम बनाना चाहती है ताकि बारिश के मौसम में धाम के दर्शन के लिए आने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना ना करना पड़े। इसके साथ ही इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

पहाड़ थामने के लिए किए गए हैं उपाय

इस परियोजना के तहत पर्यावरण को नुकसान ना हो इसके लिए परिस्थिति के अनुसार और पर्यावरण संरक्षण के लिए डीपीआर विशेषज्ञ सलाहकारों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके आधार पर पर्याप्त उपाय जैसे कि पर्याप्त ढलान संरक्षण, रिटेनिंग वॉल एवं सामने की दीवारों के निर्माण तथा ड्रेपरी सिस्टम के माध्यम से चिरकालिक भूस्खलन और जलमग्न स्थलों / जोनों के स्थिरीकरण, जाल, एंकरिंग, प्रबलित दीवार, नाजुक ढलानों के स्थिरीकरण हेतु उन पर वनस्पति उगाने के लिए हाइड्रो बीजारोपण जैसे बायो इंजीनियरी उपाय, काटे गए पेड़ों जिसके लिए मंत्रालय द्वारा प्रतिपूरक वनीकरण उद्ग्रहीत किया गया है, के स्‍थान पर राज्य वन विभाग द्वारा पौधों को लगाना, पर्याप्त संख्या में पुलियों, छोटे और बड़े पुलों और सड़क के किनारे नालियों के रूप में पर्याप्त उप-सतह और उप-सतही जल निकासी के प्रावधान किए गए हैं।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.