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GST पोर्टल में अभी भी 2 बड़ी खामियां, कारोबारियों ने कहा नहीं फाइल हो रही रिटर्न

कारोबारी जीएसटी पोर्टल मेंटेन करने वाली कंपनी इंफोसिस का ऑडिट कराने की मांग कर रहे हैं।

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नई दिल्ली। लाख कोशिशों के बावजूद जीएसटी पोर्टल पर फाइलिंग की दिक्कत दूर होती नजर नहीं आ रही है। कारोबारियों का दावा है कि अभी भी जुलाई का रिटर्न ही नहीं फाइल हो पा रहा है। इसके अलावा पुराने स्टॉक की डिटेल भी अपडेट नहीं कर रहा है। इसको देखते हुए कारोबारी जीएसटी पोर्टल मेंटेन करने वाली कंपनी इंफोसिस का ऑडिट कराने की मांग कर रहे हैं।

 

फाइलिंग में अकाउंटिंग के कारण आ रही हैं दिक्कतें

 

 

टैक्स एक्सपर्ट एम के गांधी ने moneybhaskar.com को बताया कि जीएसटी पोर्टल 1 जुलाई से पहले की कोई भी ट्रांजेक्शन नहीं ले रहा है। गांधी ने कहा कि अगर किसी ट्रेडर ने बिल 28 जून का जेनरेट किया है और उसका वह इन्पुट क्रेडिट जुलाई के रिटर्न में अप्लाई कर रहा है तो सिस्टम उसे नहीं ले रहा है। 28 जून के बनाए बिल पर वह कब और कैसे इन्पुट क्रेडिट

लेगा जब जीएसटी पोर्टल उस बिल को नहीं ले रहा है। सिस्टम 30 जून तक के बिल पर इन्पुट क्रेडिट नहीं ले रहा है।

 

 

स्टॉक डिटेल नहीं ले रहा सिस्टम

 

गांधी ने बताया कि अगर किसी ट्रेडर ने स्टॉक 28 जून को खरीदा लेकिन उसकी डिलीवरी उसे 1 जुलाई के बाद हुई है। तो सिस्टम ऐसे स्टॉक को नहीं ले रहा है वह इसे जून का स्टॉक ही मान रहा है जबकि ये स्टॉक जुलाई में काउंट होना चाहिए। गांधी ने बताया कि इस तरह की कई अकाउंटिंग को लेकर परेशानी कारोबारियों को पोर्टल पर आ रही है। उसे ये नहीं पता है कि इसका क्या सॉल्युशन है।

 

 

पोर्टल में लोड सहने की नहीं है क्षमता

 

सीए गोविंद शर्मा ने moneybhaskar.com को बताया कि जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2, जीएसटीआर-3बी रिटर्न फाइल करते समय अकाउंटिंग को लेकर परेशानी ज्यादा आ रही है। सिस्टम जून महीने की आखिर में की ट्रांजेक्शन को जुलाई में नहीं ले रहा है जबकि उसे कहीं और दिखाने का ऑप्शन ही नहीं है।

 

 

ट्रेडर्स पहले ही कर चुके हैं इंफोसिस की जांच की मांग

 

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के जनरल सेक्रेटरी प्रवीण खंडेलवाल ने moneybhaskar.com को बताया कि ट्रेडर्स सरकार से इंफोसिस सहित अन्य संबंधित कंपनियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इतना लंबा समय और पैसा लगने के बाद भी जीएसटी पोर्टल ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है। जीएसटी को लागू हुए 4 महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी भी जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न फाइल करने में दिक्कतें आ रही हैं।

 

आगे पढ़े - हर बार बढ़ानी पड़ रही है फाइलिंग की डेट

 

 

हर बार बढ़ानी पड़ रही है फाइलिंग की डेट

 

सीएआईटी के अध्यक्ष बी सी भरतिया ने moneybhaskar.com को कहा कि जीएसटी पोर्टल को बनने में करीब 3 साल का समय लगा और 1,400 करोड़ रुपए का निवेश किया गया, लेकिन फिर भी पोर्टल उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। सरकार ने अभी जुलाई की जीएसटीआर 1 रिटर्न फाइल करने के लिए विंडो खोल दी है जबकि उसकी डेडलाइन 10 अक्टूबर को खत्म हो चुकी है।

 

कारोबारियों को अभी भी आ रही हैं फाइलिंग में परेशानी

 

सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ताराचंद गुप्ता ने moneybhaskar.com को बताया कि जीएसटी पोर्टल फाइलिंग के समय हैंग हो जाता है। रिटर्न फाइल की आखिरी तारीखों में पोर्टल कई बार एरर शो करता है लेकिन एरर का कारण नहीं बताता। पोर्टल हर प्रोडक्ट का एचएसएन कोड मांगता है। डिपार्टमेंट स्टोर चलाने वाले कारोबारियों के लिए हर प्रोडक्ट का एचएसएन कोड ढूंढना मुश्किल काम है। ऐसे ट्रेडर्स के लिए रिटर्न फाइल करने में अभी भी कई दिक्कतें आ रही है।

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