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GST में इन लोगों को हुआ 50 लाख रुपए का फायदा, पढ़िए पूरी डिटेल

जीएसटी काउंसिल की 23वीं मीटिंग बीते शनिवार को गुवाहाटी में हुई।

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नई दिल्‍ली. जीएसटी काउंसिल की 23वीं मीटिंग बीते शनिवार को गुवाहाटी में हुई। इसमें जीएसटी काउंसिल ने आम लोगों और छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए कई अहम फैसले किए। एक तरफ, जीएसटी काउंसिल ने कंज्‍यूमर्स को बड़ी राहत देते हुए 211 आइटम्स पर टैक्स स्लैब में कमी कर दी। 178 आइटम्स को 28 फीसदी से 18 फीसदी के टैक्स ब्रैकेट में लाया गया। इस प्रकार अब 28 फीसदी के स्लैब में सिर्फ 50 आइटम रह गए हैं।
 
दूसरी ओर, काउंसिल ने छोटे कारोबारियों को राहत देते हुए कम्‍पोजिशन स्‍कीम की थ्रेसहोल्‍ड लिमिट एक बार फिर बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपए कर दी है। काउंसिल ने इसकी संवैधानिक लिमिट 2 करोड़ करने के लिए कानून में संशोधन का भी फैसला किया है। बता दें, गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स (जीएसटी) एक जुलाई 2017 से देशभर में लागू हो गया है।

 
क्‍या है कम्‍पोजिशन स्‍कीम
कम्‍पोजिशन स्कीम के तहत टैक्स रेट कम है। इस स्कीम को लेने वाले कारोबारियों को सिर्फ फिक्सड टैक्स रेट के हिसाब से टैक्स चुकाना पड़ता है। इस स्कीम के तहत केवल वे कारोबारी रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं जिनका सालाना टर्नओवर 20 लाख से 1.5 करोड़ रुपए तक है। पहले यह लिमिट 1 करोड़ रुपए थी। इस स्कीम का फायदा रिटेलर्स, होलसेलर, कारोबारी, रेस्त्रां मालिक उठा सकते हैं। लेकिन कंपोजिट स्कीम लेने वाले कारोबारी वैट रिफंड और इन्पुट क्रेडिट नहीं ले पाएंगे।
कम्पोजिशन स्कीम को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें ट्रेडर्स को अपने टर्नओवर का 1%, मैन्युफैक्चरर्स को 2% और रेस्‍त्रां कारोबारियों को 5% टैक्स भुगतान करना है।

 
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कम्‍पोजिशन स्‍कीम में रिटर्न भरने से भी मिली राहत
जीएसटी काउंसिल ने कंपोजिशन स्‍कीम के तहत कारोबार करने वाले लोगों को काफी राहत दी है। अब 1 फीसदी का टैक्‍स केवल टैक्‍सेबल आइटम पर ही लगाया जाएगा, हालांकि कारोबार की गणना के लिए कुल कारोबार को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा रिटर्न भरने में राहत दी गई है। जीएसटीआर 2 और जीएसटीआर 3 को लेकर अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जाएगी, जो रिटर्न को लेकर राय देगी। इसके अलावा काउंसिल ने रिटर्न लेट भरने पर लगने वाली पेनल्‍टी में भी कमी की है।

 
राजस्‍व सचिव हसमुख अढिया के अनुसार, कारोबारी GSTR-3B फार्म में रिटर्न टैक्‍स के साथ अगले महीने की 20 तारीख तक जमा कर सकते हैं। यह व्‍यवस्‍था मार्च 2018 तक लागू रहेगी।

 
ऐसी मिली राहत
1.5 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले कारोबारी जीएसटीआर-1में तिमाही आधार पर रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
 
पीरियड
डेट
जुलाई से सितंबर 2017
31 दिसंबर 2017
अक्‍टूबर से दिसंबर 2017
15 फरवरी 2018
जनवरी से मार्च 2018
30 अप्रैल 2018

 
1.5 करोड़ रुपए से ज्‍यादा के टर्नओवर वाले कारोबारी हर महीने करेंगे रिटर्न फाइल
जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद राजस्‍व सचिव हसमुख अढिया ने बताया कि 1.5 करोड़ रुपए से ज्‍यादा के टर्नओवर वाले कारोबारी हर महीने करेंगे रिटर्न फाइल करेंगे। इनके लिए नया शिड्यूल जारी किया गया है।

 
 
पीरियड
डेट
जुलाई से अक्‍टूबर 2017
31 दिसंबर 2017
नवंबर 2017
10 जनवरी 2018
दिसंबर 2017
10 फरवरी 2018
जनवरी 2018
10 मार्च 2018
फरवरी 2018
10 अप्रैल 2018
मार्च 2018
10 मई 2018

 
GSTR 2 और GSTR 3 को लेकर बनाई कमेटी
अढिया के अनुसार, जीएसटीआर 2 और जीएसटीआर 3 के लिए जिनका रिटर्न जुलाई 2017 से लेकर मार्च 2018 तक फाइल करना है, उनके लिए अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जा रही है। कमेटी इस मामले पर राय देगी।

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कम्‍पोजिशन स्‍कीम में कब-कब बढ़ी थ्रेसहोल्‍ड लिमिट
जीएसटी काउंसिल ने 11 जून, 2017 को अपनी बैठक में, कम्पोजिशन स्कीम के टर्नओवर सीमा में वृद्धि की सिफारिश की थी, जिससे 50 लाख रुपए से बढ़ाकर 75 लाख कर दिया गया था। काउंसिल की 22वीं मीटिंग में इसे 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ किया गया। पिछले हफ्ते हुई काउंसिल की 23वीं मीटिंग में इसे 1 करोड़ से बढ़ाकर1.5 करोड़ रुपए कर दिया गया। 
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