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GST में चेंज के बावजूद एक्सपोर्टर्स की परेशानी बढ़ी, नहीं मिल रहा कटौती का फायदा

जीएसटी टैक्स रेट कम करने के सरकार के फैसले से एक्सपोर्टर्स को खास मदद नहीं मिल रही है।

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नई दिल्‍ली. जीएसटी टैक्स रेट कम करने के सरकार के फैसले से एक्सपोर्टर्स को खास मदद नहीं मिल रही है। इसका कारण है कि ट्रेडर्स एक्सपोर्टर्स को प्रोडक्ट बेचने में आनाकानी कर रहे हैं क्योंकि इससे ट्रेडर्स पूरा इन्पुट क्रेडिट क्लेम नहीं कर पा रहे हैं। सरकार ने एक्सपोर्टर्स की कैश की किल्लत को खत्म करने के लिए मार्च तक 0.1 फीसदी टैक्स तय कर दिया जबकि जीएसटी के बाद प्रोडक्ट की केटेगरी के अनुसार अलग-अलग टैक्स एक्सपोर्टर्स को देना होता था जो कि 5 से 28 फीसदी के रेन्ज में था।

 

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कारोबारियों को नहीं मिल रहा फायदा

 

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के चेयरमैन ओमप्रकाश प्रह्लाद ने moneybhaskar.com कहा कि सरकार अपनी तरफ से जीएसटी पोर्टल में आ रही दिक्कतों और टैक्स रेट को लेकर एक्‍सपोर्टर्स की मदद कर रही है लेकिन सरकार के एक्‍सपोर्टर्स के लिए जीएसटी टैक्स की दर 0.1 फीसदी करने का बहुत अधिक फायदा एक्‍सपोर्टर्स को नहीं मिल रहा है। ट्रेडर्स एक्‍सपोर्टर्स को प्रोडक्ट बेचने में आनाकानी कर रहे क्योंकि इससे उन्हें पूरा इन्पुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाएगा। इससे ट्रेडर्स को अपना पूरा क्लेम लेने में परेशानी होगी। वह एक्सपोर्टर्स को गुड्स बेचने से मना कर रहे हैं। ये दिक्कत बड़े हैंडीक्राफ्ट सेंटर्स पर ज्यादा आ रही है।

 

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ट्रेडर्स सामान सेल करने में कर रहे हैं आनाकानी

 

एशियन हैंडीक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने moneybhaskar.com को बताया कि ट्रेडर्स ने 18 फीसदी टैक्स देकर सामान खरीदा तो वह 0.1 फीसदी के टैक्स पर सामान बेचने पर तैयार नहीं है क्योंकि इससे उन्हें इन्पुट क्रेडिट नहीं मिलेगा। इसलिए वह सामान एक्सपोटर्स को बेचने को तैयार नहीं है।

 

सरकार ने एक्सपोर्टर्स के लिए घटाया था टैक्स रेट

 

6 अक्टूबर को जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में एक्‍सपोर्टर्स के लिए 1अप्रैल, 2018 तक ई-वॉलेट लॉन्च होने तक 0.1 फीसदी का मामूली जीएसटी देना तय किया गया। सरकार ने तय किया था कि 10 अक्‍टूबर तक जुलाई का और 18 अक्‍टूबर तक अगस्‍त का रिफंड मिलना शुरू हो जाएगा।

 

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सरकार के दावे निकल रहे हैं फुस्स

 

अभी तक एक्सपोर्टर्स का रिफंड क्लेम नहीं मिलने के कारण वह सरकार के सभी दावों को फेल बता रहे हैं। सरकार का दावा था कि उन्हें 10 अक्‍टूबर तक जुलाई का और 18 अक्‍टूबर तक अगस्‍त का रिफंड मिलना शुरू हो जाएगा। लेकिन अभी तक कारोबारियों को रिफंड मिलना शुरू ही नहीं हुआ है। अब सरकार एक्सपोर्टर्स को मैन्युअली रिटर्न फाइल करने के लिए कह रही है।

 

अभी तक नहीं मिला रिफंड

ईपीसीएच के चेयरमैन ओ पी प्रह्लाद ने कहा कि सरकार जीएसटी को आसान करने की कोशिश कर रही है लेकिन अभी भी जीएसटी पोर्टल के साथ समस्या आ रही है जिसके कारण उन्हें अभी तक रिफंड नहीं मिला है।

 

 

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