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GST: टैक्स रिफंड के लिए एक्‍सपोर्टर्स परेशान, क्लियर नहीं कहां-कैसे करना है मैनुअली अप्‍लाई

नई दिल्ली. नए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स सिस्‍टम जीएसटी में रिफंड को लेकर एक्‍सपोर्टर्स की परेशानियां कम नहीं हो पा रही हैं। जीएसटी पोर्टल के जरिए रिफंड नहीं मिलने के कारण सरकार ने सर्कुलर जारी कर उन्हें रिफंड के लिए मैनुअली अप्लाई करने के लिए कहा है। अब इसमें पेंच यह है कि एक्‍सपोर्टर्स को अभी तक यह क्लियर नहीं है कि वह मैनुअली कहां और कैसे अप्‍लाई करें। छोटे सेंटर्स पर यह दिक्‍कत सबसे ज्‍यादा है।

 

एक्सपोर्टर्स का कहना है कि सरकार ने सर्कुलर जारी कर रिफंड के लिए मैनुअली अप्‍लाई करने की छूट तो दे दी लेकिन यह नहीं बताया कि इसके लिए कैसे और कहां अप्लाई करना है। मुरादाबाद, सहारनपुर, जोधपुर जैसे छोटे सेंटर्स के एक्सपोर्टर्स ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि सरकार ने साफ नहीं किया है कि उन्हें किस एजेंसी में अप्लाई करना है। एक्सपोर्टर्स की डिमांड है कि वह मैनुअली रिफंड अप्लाई करने को लेकर स्थिति साफ करे।

 

एक्सपोर्टर्स की प्रॉब्लम नहीं हो रही है खत्म

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के चेयरमैन ओमप्रकाश प्रह्लाद ने moneybhaskar.com कहा कि सरकार के सर्कुलर के मुताबिक, मर्चेंट एक्सपोर्टर्स और जिन एक्सपोर्टर्स ने आईजीएसटी पे कर दिया है, वह ज्युडिशियल कमिश्नर के पास रिफंड फॉर्म के साथ टैक्स रिफंड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। जीएसटी पोर्टल में आ रही दिक्कतों के कारण एक्‍सपोर्टर्स को मैनुअली रिफंड के लिए अप्लाई करने के लिए कहा है। लेकिन सरकार ने अभी तक एक्सपोर्टर्स को ये साफ नहीं किया है कि मुरादाबाद, सहारनपुर, जोधपुर जैसे छोटे सेंटर का एक्सपोर्टर रिफंड के लिए कहां जाएगा।

 

सरकार सॉफ्टवेयर जल्द करे ठीक

एशियन हैंडीक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन राजकुमार मल्होत्रा ने moneybhaskar.com को बताया कि पहले ही ऑनलाइन रिफंड के लिए अप्लाई कर चुके एक्सपोर्टर के लिए सरकार ने डॉक्युमेंटेशन बढ़ा दिया है। सरकार ने रिफंड के लिए कोई नोडल एजेंसी नहीं बनाई है। सरकार को मैनुअली रिफंड अप्लाई करने के लिए बारे में एक्सपोर्टर्स को बताना होगा और इसका प्रचार करना होगा। पहले ही जुलाई का रिफंड चार महीने तक लटक चुका है।

 

आगे पढ़ें - सरकार के दावे हो रहे फेल

 

 

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