Home » Economy » GSTRBI says Shortage of Money of These Exporters in GST, GST में ऐसे एक्सपोर्टर्स को हुई पैसों की किल्लत, आरबीआई रिपोर्ट में हुआ खुलासा

GST में ऐसे एक्सपोर्टर्स को हुई पैसों की किल्लत, आरबीआई रिपोर्ट में हुआ खुलासा

जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों को कैसे पैसे की किल्लत हुई है, इसका पहली बार आरबीआई की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है।

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नई दिल्ली। जीएसटी लागू होने के बाद कारोबारियों को कैसे पैसे की किल्लत हुई है, इसका पहली बार आरबीआई की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे रिर्टन फाइलिंग अटकने से एक्सपोर्ट्स को खास तरह से प्रॉब्लम उठानी पड़ी थी। उस दौरान किस तरह से उनको बिजनेस के लिए वर्किंग कैपिटल की प्रॉब्लम से जूझना पड़ा। साथ ही उसकी वजह से कैसे उनके बिजनेस में गिरावट हुई है। रिपोर्ट के अनुसार कारोबारियों की बिजनेस के लिए 68 फीसदी तक वर्किंग कैपिटल की जरुरत बढ़ गई। यही नहीं पैसों की कमी के कारण उनके एक्सपोर्ट में भी 60 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।

 
क्या कहती है रिपोर्ट 
 
आरबीआई द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी लागू होने के बाद शुरू में रिटर्न फाइलिंग में आई दिक्कत की वजह से एक्सपोर्टर्स को मिलने वाला रिफंड ब्लॉक हो गया। जिसकी वजह से उनके सामने वर्किंग कैपिटल की प्रॉब्लम खड़ हो गई है। जिसका असर उनके एक्सपोर्ट बिजनेस पर भी पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार रिफंड ब्लॉक होने से सीधे एक्सपोर्ट पर इम्पैक्ट आया है। अगर वर्किंग कैपिटल की डिमांड में 10 फीसदी बढ़ी है तो एक्सपोर्ट में 1.8 फीसदी की औसतन गिरावट आई है। 
 
सेक्टर वर्किंग कैपिटल ग्रोथ (फीसदी) एक्सपोर्ट ग्रोथ (फीसदी)
पेट्रोलियम 68.34 -54.39
जेम्स एंड ज्वैलरी 60.81 -37.04
सिरेमिक एंड ग्लासवेयर 55.21 -19.96
तंबाकू 53.74 7.91
खनिज और अयस्क 52.48 -67.27
कॉफी 51.39 -5.59
इंजीनियरिंग गुड्स 47.32 -34.90
ड्रग एंड फॉर्मास्युटिकल्स 46.63 -14.28
इलेक्ट्रॉनिक  गुड्स 45.41 -11.92
लेदर एंड लेदर प्रोडक्ट्स 44.58 -9.96

पहले क्या था सिस्टम
 
जीएसटी लागू होने के पहले एक्सपोर्टर्स को किसी भी तरह की ड्यूटी देने से छूट मिली हुई थी। ऐसे में उनका पैसा ब्लॉक नहीं होता था। जीएसटी में एक्सपोर्टर्स को पहले ड्यूटी का भुगतान करना पड़ता है, उसके बाद उसे रिफंड मिलेगा। इसके तहत सरकार 90 फीसदी रिफंड 7 दिन में देने का वादा किया गया है। 
 
समय पर नहीं मिल पा रहा है रिफंड
 
रिपोर्ट के अनुसार हालांकि कारोबारियों की शिकायत है कि उन्हें 7 दिन में रिफंड नहीं मिल पा रहा है। जुलाई से अक्टूबर 2017 के दौरान कारोबारियों का करीब 6500 करोड़ रुपए का रिफंड अटका हुआ है।
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