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GST रिफंड के लिए सरकार ने चलाया 'रिफंड फोर्टनाइट', एक्सपोर्टर्स ऐसे करें अप्लाई

बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार अब 'रिफंड फोर्टनाइट' शुरू कर दिया है जिसमें उनका दावा है कि 29 मार्च तक सभी अटके रिफंड क्

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नई दिल्ली। जीएसटी में एक्सपोर्टर्स का फंसा हुआ 6,500 करोड़ रुपए का रिफंड बड़ी समस्या बनता जा रहा है। बीते 9 महीने से अटके रिफंड की वजह से कारोबारी के लिए बिजनेस करना मुश्किल हो गया है। बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार अब 'रिफंड फोर्टनाइट' शुरू कर दिया है जिसमें उनका दावा है कि 29 मार्च तक सभी अटके रिफंड क्लीयर किए जाएंगे।

 

 

सरकार ने शुरू किया 'रिफंड फोर्टनाइट'

 

सरकार ने 'रिफंड फोर्टनाइट' शुरू किया है जो 15 मार्च से 29 मार्च 2018 तक चलेगा। इसके तहत एक्सपोर्टर्स के पेंड़िग रिफंड जल्द जारी किए जाएंगे। इसके तहत सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम एंड कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट्स सिर्फ पेंडिंग रिफंड के मामले सुलझाएगा और रिफंड जल्द कराएगा।

 

एक्सपोर्टर्स को मिलेगा आईजीएसटी रिफंड

 

एक्सपोर्टर्स को आईजीएसटी रिफंड जल्द मिले इसके लिए नई सर्विस शुरू की गई है। इसके तहत जिन एक्सपोर्टर्स का इन्वॉइस शिपिंग बिल, जीएसटीआर-1 और टेबल 6ए से मैच नहीं करता उनका रिफंड कराया जाएगा। ऐसे मामलों के लिए में स्पेशल प्रोसीजर शुरू किया है ताकि एरर को हटाए जा सके। इसके लिए एक्सपोर्टर्स को कस्टम अथॉरिटी को पोर्ट ऑफ एक्सपोर्ट पर अप्रोच करना होगा।

 

6,500 करोड़ रुपए का है रिफंड

 

 

सरकार के मुताबिक जुलाई से अक्टूबर तक का आईजीएसटी रिफंड शिपिंग बिल के मुताबिक 6,500 करोड़ रुपए और इन्पुट टैक्स क्रेडिट का अमाउंट करीब 30 करोड़ रुपए है। ये अमाउंट जीएसटीएन पोर्टल फाइल की गई रिटर्न के आधार पर निकाला गया है।

 

 

ऐसे मिलेगा इन्पुट टैक्स क्रेडिट रिफंड

 

एक्सपोर्टर्स को फॉर्म जीएसटी आरएफडी-01ए जीएसटी पोर्टल पर भरना होगा। इस फॉर्म का प्रिंट आउट निकालकर ज्यूरिडिक्शनल टैक्स ऑफिसर के पास सभी सपोर्टिंग डॉक्युमेंट के साथ जाना होगा। सेंट्रल टैक्स और कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स ने ज्यूरिडिक्शनल टैक्स ऑफिसर को रिफंड के लिए ऑर्डर जारी किए हैं। एक्सपोटर्स को सीजीएसटी और सीजीएसटी के लिए अलग से रिफंड नहीं फाइल करना होगा। एक्सपोटर्स का रिफंड तब तक प्रोसेस नहीं जब तक एक्सपोटर्स फॉर्म जीएसटी आरएफडी-01ए का प्रिंट आउट जमा नहीं कराएंगे।

 

 

बनाए हैं रिफंड सेल

 

सरकार ने रिफंड सेल बनाए हैं। इनमें कस्टम के कर्मचारी और इंफ्रास्ट्रक्चर है जो एक्सपोर्टर्स की रिफंड से संबंधित समस्याओं का निदान करेंगे ताकि, उनका रिफंड जल्दी मिल सके। कस्टम विभाग को आईसीईजीएटीई की सर्विस दी गई है ताकि वह स्वयं रिफंड का स्टेटस चेक कर सके। एक्सपोर्टर्स भी इस लिंक https://www.icegate.gov.in/ पर लॉग इन कर शिपिंग बिल का स्टेटस जान सकते हैं।

 

 

 

आगे पढ़ें - एक्सपोर्टर्स क्लेम नहीं मिलने की कर रहे हैं शिकायत

 

 

 

 

एक्सपोर्टर्स क्लेम नहीं मिलने की कर रहे हैं शिकायत

 

 

 

एक्सपोर्टर्स काफी समय से आईजीएसटी और इन्पुट टैक्स रिफंड रिफंड बीते 9 महीने से रिफंड नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के चेयरमैन ओमप्रकाश प्रह्लाद ने moneybhaskar.com कहा कि एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को अभी तक रिफंड मिलना शुरू नहीं हुआ है। प्रह्लाद ने कहा कि अभी भी कई एक्सपोटर्स के जीएसटी पोर्टल पर रिफंड और टेबल 6ए ही नहीं भर पा रहे हैं क्योंकि पोर्टल का सिस्टम ही काम नहीं कर रहा है।

 

 

 

एक्सपोर्ट को हो रहा है नुकसान

 

 

 

हैंडीक्राप्ट एक्सपोर्टर राजकुमार मल्होत्रा ने moneybhaskar.com कहा कि सरकार ने भी माना है कि जीएसटी पोर्टल में प्रॉब्लम है, तो सरकार पहले इस समस्या को खत्म करे क्योंकि कस्टम के अधिकारी भी मान रहे है कि कस्टम के बिल में प्रॉब्लम नहीं है लेकिन जीएसटी पोर्टल पर आईजीएसटी के साथ मिसमैच दिखा रहा है। मल्होत्रा ने कहा कि इसका सीधा नुकसान कारोबार को हो रहा है क्योंकि वर्किंग कैपिटल आठ महीने से अटकी हुई है।

 

 

 

 

 

 

 

 

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