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27 जुलाई से हर शॉपिंग बिल जरूर करें चेक, GST के नाम पर कहीं आपको ठग न ले दुकानदार

GST रेट में कनफ्यूजन का फायदा उठाकर दुकानदार गलत बिल दे सकता है।

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नई दिल्ली। GST काउंसिल द्वारा बार-बार आइटम्स पर लगने वाले टैक्स में बदलाव किया जा रहा है। इसी के तहत शनिवार को भी 100 प्रोडक्ट पर जीएसटी रेट बदल गए हैं। कुछ जीरो फीसदी स्लैब में आ गए तो कुछ पर 18 की जगह 12 फीसदी टैक्स हो गया। नए रेट 27 जुलाई से लागू होंगे। वैसे बार-बार जीएसटी रेट बदले जाने से बहुत से लोगों के मन में कनफ्यूजन है कि किस प्रोडक्ट पर कितना जीएसटी है। हो सकता है कि इसी का फायदा उठाकर कोई दुकानदार या रेस्‍टोरेंट वाला भी आपसे ज्यादा जीएसटी वसूल ले या आपको नकली बिल थमा दे। ऐसे में आप अपने हर जीएसटी बिल की पहचान कर सकते हैं कि वह असली है या नकली। 

 

 
वैसे हर दुकानदार को भी जीएसटी वसूलने का अधिकार भी नहीं है। दि‍ल्‍ली स्‍थि‍त चार्टर्ड एकाउंटेंट, रवि‍ शंकर गुप्‍ता के अनुसार  केवल वही दुकानदार जीएसटी वसूल सकता है, जि‍सने जीएसटी में रजि‍स्‍ट्रेशन कराया है।  हम आपको बता रहे हैं कि‍ नकली जीएसटी बि‍ल और जीएसटी नंबर को कैसे पकड़ना है और इस तरह का काम करने वाले की कैसे शिकायत करनी है। आप अपने मोबाइल से भी ये काम कर सकते हैं। ऐसे में आपको 2 बातें चेक करनी जरूरी है। 

 

1. दुकानदार को जीएसटी वसूलने का अधि‍कार है भी या नहीं।
2. क्‍या वह सही रेट से जीएसटी वसूल रहा है।

आगे पढ़ें कैसे पता करें किसी प्रोडक्ट का सही जीएसटी रेट ........

 

चेक करें जीएसटी रेट
वैसे तो आपको रोजमर्रा की चीजों पर लगने वाले जीएसटी रेट की जानकारी होनी चाहि‍ए, लेकि‍न नहीं है तो आप इसे भी सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्‍साइज एंड कस्‍टम की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। लिंक है - https://cbec-gst.gov.in/gst-goods-services-rates.html
 
शि‍कायत यहां करें
अगर दुकानदार आपसे गलत रेट पर जीएसटी ले रहा है या बि‍ना रजि‍स्‍ट्रेशन कराए टैक्‍स वसूल रहा है तो आप उसकी शि‍कायत कर सकते हैं। ईमेल -  helpdesk@gst.gov.in

 

आगे पढ़ें, दुकानदार को जीएसटी वसूलने का अधिकार है या नहीं .....

 

#आपको जीएसटी लगाकर बिल वहीं दुकानदार या रेस्टोरेंट मालिक दे सकता है, जि‍सने अपना रजि‍स्‍ट्रेशन जीएसटी के तहत कराया हो। अगर आपको जरा भी शक है तो महज कुछ सेकंड में इसे चेक कर सकते हैं। 
 
#अगर कोई आपसे जीएसटी वसूल रहा है तो उसे आपको बि‍ल देना चाहि‍ए। इस बि‍ल पर जीएस टि‍न (GSTIN) भी दि‍या होता है। इस नंबर से आप पहचान सकते हैं कि‍ जि‍स दुकान या होटल से आपको बि‍ल मि‍ला है, वह रजि‍स्‍टर्ड है या नहीं। इसे आप सरकार की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं।
 
इसका लिंक है - https://services.gst.gov.in/services/searchtp  आगे भी पढ़ें ..

 

सर्च करेंगे तो आएगी डि‍टेल
 
यहां आपको बि‍ल पर लि‍खा 15 अंकों वाला जीएसटीन नंबर डालकर सर्च करना होगा। उस दुकानदार की डि‍टेल आपके सामने आ जाएगी।  जीएसटीएन 15 अंकों का नंबर होता है जो रजि‍स्‍ट्रेशन कराने वाले हर दुकानदार को दि‍या जाता है। इसमें अंक और अंग्रेजी के अक्षर होते हैं। इसके पहले दो अंक राज्‍य का कोड होते हैं। अगले 10 नंबर उस दुकानदार या कंपनी का पैन नंबर होता है।


इसमें लि‍खे गए 13वें नबर से ये पता चलता है कि‍ इस दुकान या होटल ने कि‍तने रजि‍स्‍ट्रेशन कराए हैं। मान लें कि‍ कि‍सी दुकानदार ने कि‍सी राज्‍य में अलग अलग बि‍जनेस के लि‍ए एक ही पैन नंबर पर 5 रजि‍स्‍ट्रेशन कराए हैं तो 13वां नंबर 5 होगा। 14वां नंबर हमेशा z होता है। अगर कंपनी के रजि‍स्‍ट्रेशन की गि‍नती दो अंकों को पार करती है तो z की जगह वो गि‍नती आ जाती है। 15वां नंबर चेक कोड होता है जो खामि‍यां पकड़ने के लि‍ए यूज होता है। आगे पढ़ें कैसे पता करें सही जीएसटी रेट 

 

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