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हर महीने 1 लाख करोड़ से ज्यादा हो सकता है GST कलेक्शन, टैक्स डाटा का मिलान से होगा संभव

अगले वित्त वर्ष के आखिर जीएसटी से होने वाला रेवेन्यू कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है।

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नई दिल्ली.  अगले फाइनेंशियल ईयर के आखिर तक जीएसटी से होने वाला रेवेन्यू कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। फाइनेंशियल मिनिस्ट्री के अफसरों का कहना है कि ऐसा टैक्स चोरी रोकने के उपायों और ई-वे बिल लागू होने से हो सकता है। बता दें कि बीते साल 1 जुलाई से लागू हुए नए टैक्स सिस्टम के अंतर्गत पहले महीने में 95,000 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ था, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 91,000 करोड़ रुपए से कुछ ज्यादा रहा था।

 

 

GST से रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद क्यों?

- फाइनेंस मिनिस्ट्री के ऑफिशियल के मुताबिक, "टैक्स चोरी से बचने के लिए ई-वे बिलिंग और टैक्स डाटा का मिलान जैसे कदम पूरी तरह लागू होने के बाद अगले फाइनेंशियल ईयर के अंत तक जीएसटी रेवन्यू 1 लाख करोड़ हो जाएगा।"

- GST रिटर्न फाइलिंग प्रॉसेस पूरी तरह स्थापित होने के बाद डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ एनालिस्टिक्स एंड रिस्क मैनेजमेंट (DGARM) GST फाइल करने वाले लोगों की प्रोफाइलिंग और डाटाबेस के मिलान का कदम उठाएगी। GST फाइलिंग और इनकम टैक्स रिटर्न के डाटा का मिलान किया जाएगा।'

 

2018-19 में 7.44 लाख करोड़ रु रेवेन्यू का अनुमान

- सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2018-19 के लिए जीएसटी से 7.44 लाख करोड़ रुपए के रेवेन्यू का टारगेट तय किया है। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के 8 महीने (जुलाई-फरवरी) में कुल 4.44 लाख करोड़ रुपए का कलेक्शन होने का अनुमान है। मार्च का कलेक्शन वर्ष 2018-19 के पहले महीने यानी अप्रैल में सामने आएगा।

- अफसरों का कहना है कि नए फाइनेंशियल ईयर के लिए रेवेन्यू का अनुमान खासा कम है और यह काफी हद तक सरकार के सख्त कदमों पर निर्भर हो सकता है। 

 

अभी तक मिला इतना GST 

- बीते साल 1 जुलाई से लागू हुए नए टैक्स सिस्टम के तहत पहले महीने में 95,000 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ था, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा 91,000 करोड़ रुपए से कुछ ज्यादा रहा था।

- सितंबर में रेवेन्यू 92,150 करोड़ रुपए, अक्टूबर में 83,000 करोड़ रुपए, नवंबर में 80,808 करोड़ रुपए और दिसंबर में 86,703 करोड़ रुपए रहा था।

 

 

 

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