विज्ञापन
Home » Economy » GSTGST Council meet postponed till Sunday

GST काउंसिल में नहीं हुए अहम फैसले, 24 फरवरी को होगी अगली मीटिंग

दिल्ली, केरल और पंजाब सहित कई राज्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग का विरोध किया।

GST Council meet postponed till Sunday

जीएसटी काउंसिल (GST Council) की मीटिंग में बुधवार को कोई अहम फैसला नहीं हो सका। दरअसल दिल्ली, केरल और पंजाब सहित कई राज्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली को रियल एस्टेट और लॉटरी सहित कई मुद्दों पर चर्चा के लिए शामिल होना चाहिए।

 


नई दिल्ली. जीएसटी काउंसिल (GST Council) की मीटिंग में बुधवार को कोई अहम फैसला नहीं हो सका। दरअसल दिल्ली, केरल और पंजाब सहित कई राज्यों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली को रियल एस्टेट और लॉटरी सहित कई मुद्दों पर चर्चा के लिए शामिल होना चाहिए। अब अगली मीटिंग 24 फरवरी को होगी।

 

जेटली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘जीएसटी काउंसिल की 33वीं मीटिंग में कोई फैसला नहीं हो सका।’ इस मीटिंग में जीएसटी रेट्स में कमी के रूप में हाउसिंग सेक्टर को बड़ी सौगात मिलने की संभावना थी। गुजरात के डिप्टी चीफ मिनिस्टर नितिन पटेल की अगुआई वाले ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GOM) ने अफोर्डेबल हाउसिंग कैटेगरी में टैक्स 8 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी करने की सिफारिश की थी। 

 

सीमेंट पर घट सकता है जीएसटी

काउंसिल की मीटिंग में रियल्टी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सीमेंट पर टैक्स 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किए जाने पर भी विचार होने की उम्मीद थी। सूत्रों ने कहा था कि मीटिंग के एजेंडे में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (Goods and Services Tax) में कटौती और जीओएम की रिपोर्ट शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी लोकसभा चुनाव से पहले हाउसिंस सेक्टर को बूस्ट देने पर विचार कर रही है।

 

लॉटरी पर भी एक समान टैक्स लगाने की सिफारिश

लॉटरी (lottery) पर टैक्स रेट की समीक्षा के लिए बनाए गए एक अन्य मिनिस्ट्रियल पैनल ने एक समान जीएसटी (GST) रेट का समर्थन किया, चाहे वह 18 फीसदी हो या 28 फीसदी। मीटिंग में इस पर भी अंतिम फैसला लिया जा सकता है। वर्तमान एक राज्य द्वारा निकाली जाने वाली लॉटरी पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है, हालांकि एक राज्य लॉटरी पर 28 फीसदी जीएसटी लगाता है।

 

समझा जाता है कि रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी (GST) से संबंधित मुद्दों को देखने के लिए बनाए गए पैनल ने भी निर्माणाधीन रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज के लिए जीएसटी रेट 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की सिफारिश की है। हालांकि ऐसा दावा किया गया है कि भविष्य में ऐसे ट्रांजैक्शंस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेना संभव नहीं होगा।
 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन