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GSTR-2A फॉर्म से रिफंड कर सकेंगे क्लेम, सरकार ने प्रॉसेस किया आसान

सरकार ने GST रिफंड क्लेम के प्रोसेस को आसान बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है।

FinMin simplifies GST refund claim process for businesses

 

 

नई दिल्ली. सरकार ने GST रिफंड क्लेम के प्रोसेस को आसान बनाने की दिशा में बड़ी पहल की है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि अब कारोबारी एक महीने की सभी परचेज इन्वॉइस देने के बजाय टैक्स डिपार्टमेंट में 'GSTR-2A' फॉर्म का प्रिंटआउट जमा करके जीएसटी रिफंड क्लेम कर सकते हैं। GSTR-2A बिजनेस और उसके सप्लायर के बीच होने वाले ट्रांजैक्शन पर आधारित सिस्टम द्वारा ऑटो-जनरेटेड परचेज रिटर्न है।  

 

 

प्रमाण के लिए GSTR-2A पर निर्भर होंगे अधिकारी

मिनिस्ट्री ने कहा, ‘प्रॉपर अधिकारी इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावे के प्रमाण के लिए जीएसटीआर- 2ए पर निर्भर होगा। ऐसी स्थिति भी बन सकती हैं, जब जीएसटीआर-2ए में लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित इनवॉयस की सभी डिटेल्स उपलब्ध नहीं हों। ऐसा संभवतः सप्लायर के फॉर्म जीएसटीआर-1 में देरी या फाइल नहीं किए जाने की वजह से हो सकता है।’

 

 

जांच के लिए इनवॉयस मांग सकता है अधिकारी

मिनिस्ट्री ने क्लैरिफिकेशन देते हुए कहा, ‘ऐसी स्थिति में प्रॉपर ऑफिसर को रिफंड के लिए क्लेम की जांच करने की जरूरत महसूस होती है तो वह उन इनवॉयसों की प्रतियां मांग सकता है।’ मिनिस्ट्री की जीएसटी पॉलिसी विंग ने प्रिसिंपल चीफ कमिश्नरों को भेजे क्लैरिफिकेशन में कहा कि प्रॉपर ऑफिसर जीएसटीआर-2ए में मौजूद डिटेल्स के लिए एक इनवॉयस (ओरिजिनल या डुप्लीकेट) जमा करने पर जोर नहीं दे सकता है।  

जीएसटी पॉलिसी विंग ने कहा कि कुछ मामलों में सामने आया है कि काउंटरपार्ट टैक्स अथॉरिटी (केंद्र या राज्य) से सैंक्शन ऑर्डर मिलने के बाद टैक्स अथॉरिटी ने कुछ ग्राउंड्स पर सैंक्शन ऑर्डर की वैधता पर सवाल उठाते हुए डिसबर्श करने से इनकार कर दिया था।

 
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