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GST से सामान की आवाजाही हुई आसान, लेकिन पोर्टल की दिक्‍कतें बरकरार : Ficci

फिक्की ने एक सर्वे में सामने आया है कि GST पोर्टल की दिक्‍कतें अभी भी बनी हुई हैं।

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नई दिल्‍ली. फिक्की ने एक सर्वे में सामने आया है कि GST पोर्टल की दिक्‍कतें अभी भी बनी हुई हैं। इसके अलावा कारोबारी कॉस्‍ट आफ कंप्‍लाइंस सहित कई मामलों को लेकर दिक्‍कतें झेल रहे हैं। हालांकि सामान की आवाजाही जरूर आसान हुई है। यह जानकारी फिक्‍की के एक सर्वे में सामने आई हैं। इस सर्वे में जीएसटी लागू होने के छह महीने के दौरान सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यमों (MSME) और बड़े कॉरपोरेट के अनुभवों को लेकर करया गया है।

 

 

सामानों का आना जाना आसान हुआ
सर्वेक्षण रिपोर्ट में फिक्की ने कहा है कि वस्तुओं के अंतरराज्‍यीय परिवहन के संबंध में चेक-पोस्ट को लेकर 60 फीसदी से ज्यादा प्रतिभागियों ने अपने अनुभव बेहतर बताया है। जबकि 50 फीसदी से अधिक प्रतिभागियों ने बताया कि राज्यों की सीमाओं पर अब ट्रकों को जांच के लिए नहीं रोका जाता है और 59 फीसदी प्रतिभागियों का कहना था कि जीएसटी लागू होने के बाद परिवहन में लगने वाला समय कम हो गया है।
 

 

जीएसटी पोर्टल की दिक्‍कतें कम नहीं हो रहीं 
फिक्की ने बताया कि जीएसटी लागू होने से जो दिक्कतें आ रही हैं, उनमें जीएसटीएन पोर्टल की खामियां, जटिल प्रक्रियाएं व कागजात और आदेश के अनुपालन में होने वाले खर्च प्रमुख हैं। सरकार और जीएसटी काउंसिल को ध्यान देने की जरूरत है। फिक्की की रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वेक्षण में शामिल सभी लोगों ने जीएसटी पोर्टल की खामियों का जिक्र किया।
 

 

डाटा अपडेट करने में लगता है समय
पोर्टल की खामियों पर सर्वे में शामिल होने वालों ने बताया कि डाटा को अपडेट करने व भुगतान करने में विलंब होता है। साथ ही, इनपुट क्रेडिट की प्रक्रिया में भी देर लगती है। इसके अलावा दिए हुए प्रारूप में भारी भरकम दस्तावेज वाली फाइल को अपलोड करने में पोर्टल सक्षम नहीं है। इसमें बदलाव या त्रुटियों को सुधारने के विकल्‍प का अभाव है, जो व्यवसाय के लिए एक बड़ी चुनौती है। कारोबारियों का कहना है कि पोर्टल को अधिक कारगर व सक्षम बनाने के लिए इसमें व्यापक सुधार करने की जरूरत है। 
 

 

तीन माह में रिटर्न भरने की मिले सुविधा 
करीब 78 फीसदी प्रतिभागियों ने 1.5 करोड़ से ज्यादा का कारोबार करने वाले करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की अवधि को मासिक की जगह त्रैमासिक करने का सुझाव दिया है। 

 

 

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