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क्या है इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट ई-वे बिल

देश भर में 1 अप्रैल से ई - वे बिल लागू हो चुका है।

What is Inter State and Intra State Bill

नई दिल्‍ली। देश भर में 1 अप्रैल से ई - वे बिल लागू हो चुका है। नए नियम के  तहत ट्रडर्स को 50 हजार रुपए से ज्यादा के अमाउंट के प्रोडक्ट का ट्रांसपोर्टेशन करने पर ई-वे बिल जेनरेट करना होगा। ई-वे बिल इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट कैटेगरी के तहत जेनरेट किया जाएगा। लेकिन आपको पता है कि आखिर इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट ई - वे बिल में क्‍या अंतर है। आज हम आपको इसके बारे में बताने जा रहे हैं।  


क्या है इंट्रा और इंटर स्टेट ई-वे बिल?


राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनेगा, जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल बनेगा। 

 

 

क्या है ई-वे बिल?

 

 

ई-वे बिल के तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा के अमाउंट के प्रोडक्ट की राज्य या राज्य से बाहर ट्रांसपोर्टेशन या डिलीवरी के लिए सरकार को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए पहले ही बताना होगा। इसके तहत ई-वे बिल जनरेट करना होगा जो 1 से 20 दिन तक वैलिड होगा। यह वैलिडिटी प्रोडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगी। जैसे 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1 दिन का ई-वे बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी के लिए 20 दिन का ई-वे बिल बनेगा।

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