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FY19 में हुई 20 हजार करोड़ के GST की चोरी, सरकार ने किया खुलासा

20,000 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी में से की 10 हजार करोड़ रु की रिकवरी

Govt detects Rs 20,000 cr GST evasion in April-Feb FY'19

GST Evasion: सरकार ने आंकड़े जारी किए हैं कि वित्त वर्ष 2018-19 में 20,000 करोड़ रुपए का जीएसटी चोरी हुआ। इसमें से 10 हजार करोड़ रुपए की रिकवरी कर ली गई। Central Board of Indirect Taxes and Customs Member के सदस्य जॉन जोसेफ ने बताया कि टैक्स अधिकारियों ने 1,500 करोड़ रुपए के नकली बिल पकड़े। इन बिलाें का इस्तेमाल 75 करोड़ रुपए के अवैध जीएसटी क्रेडिट को क्लेम करने के लिए किया गया था। उन्होंने बताया कि इसमें से 25 करोड़ रुपए रिकवर कर लिए गए हैं और बाकी भी रिकवर होने वाले हैं।

नई दिल्ली. वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान अभी तक भारत में 20,000 करोड़ रुपए के गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) की चोरी हुई। इसमें से 10 हजार करोड़ रुपए की रिकवरी कर ली गई। Central Board of Indirect Taxes and Customs Member के सदस्य जॉन जोसेफ ने यह जानकारी देते हुए कहा कि टैक्स अधिकारियों ने 1,500 करोड़ रुपए के नकली बिल पकड़े। इन बिलाें का इस्तेमाल 75 करोड़ रुपए के अवैध जीएसटी (GST) क्रेडिट को क्लेम करने के लिए किया गया था। उन्होंने बताया कि इसमें से 25 करोड़ रुपए रिकवर कर लिए गए हैं और बाकी भी रिकवर होने वाले हैं।

 

पूरी इंडस्ट्री को बदनाम करते हैं 5-10 फीसदी बिजनेस

उन्होंने कहा कि सिर्फ 5 से 10 फीसदी बिजनेस गलत होते हैं, लेकिन इनसे पूरी इंडस्ट्री का नाम खराब होता है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे कदम उठा रही है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं और जो लोग टैक्स चोरी करते हैं उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। साथ ही इसका खामियाजा ईमानदार कारोबारियों को नहीं उठाना पड़े।

 

हाल में घटाया गया था घरों पर जीएसटी

कुछ ही दिन पहले जीएसटी काउंसिल ने निर्माणाधीन अपार्टमेंट्स पर जीएसटी दर 12 फीसदी से घटाकर पांच फीसदी और अफाेर्डेबल हाउसिंग पर जीएसटी दर 8 फीसदी से घटाकर एक फीसदी कर दिया था। हालांकि बिल्डर्स घरों के निर्माण में लगने वाले स्टील और सीमेंट जैसे उत्पादों पर दिए गए टैक्स पर क्रेडिट क्लेम नहीं कर पाएंगे। जोसेफ ने बताया कि डिपार्टमेंट जल्द ही रियल एस्टेट सेक्टर के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे और जीएसटी दरों में कटौती के बाद वे जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उस बारे में चर्चा करेंगे।

 

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