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GST पड़ताल: कई शहरों में रिफंड का इंतजार, 15 दिन के कैम्‍पेन का नहीं दिखा खास असर

सरकार द्वारा चलाए गए जीएसटी 'रिफंड फोर्टनाइट' का फायदा देश के अलग-अलग हिस्‍सों के कई कारोबारियों तक नहीं पहुंच सका है।

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नई दिल्‍ली. गुड्स एंड सर्विसेस टैक्‍स (GST) में कारोबारियों के अटके रिफंड को क्लियर कराने के लिए सरकार की तरफ से शुरू की गई 'रिफंड फोर्टनाइट' मुहिम का असर दिखा है। हालांकि, देश के कई हिस्‍सों में इसका फायदा नहीं पहुंच सका है। विशेषकर छोटे शहरों के कारोबारी अभी भी रिफंड क्लियर होने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि सरकार ने 15 से 31 मार्च तक कारोबारियों, खासकर एक्‍सपोर्टर्स को अभी तक के रिफंड क्लियर कराने के लिए यह कैम्‍पेन शुरू किया था।  

 

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ हैंडीक्राफ्ट (EPCH) के अनुसार, सिर्फ 50-60 फीसदी कारोबारियों का ही रिफंड इन 15 दिनों में क्लियर हुआ है। उसमें भी केवल अगस्त-सितंबर तक का ही रिफंड क्लियर हुआ है। इस बारे में moneybhaskar.com ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों के कारोबारियों और एक्‍सपोर्टर्स से 'रिफंड फोर्टनाइट' कैम्‍पेन के नतीजों को लेकर पड़ताल की।  

 

मुरादाबाद के कारोबारी अभी भी इंतजार में 

अकबर ब्रास प्रोडक्‍ट्स, मुरादाबाद के शाहनवाज के मुताबिक, मुरादाबाद के कारोबारियों में से मुश्किल से 5 फीसदी लोगों ने रिफंड क्‍लेम किया है। कारोबारियों और एक्‍सपोर्टर्स के पास रिफंड आना शुरू तो हुआ है लेकिन कितना पहुंचा है और कितने लोगों तक पहुंचा है, स्‍पष्‍ट तौर पर कहा नहीं जा सकता। वहीं लियो इंटरनेशनल, मुरादाबाद के मोहम्‍मद सुहैल का कहना है कि रिफंड की प्रोसेस जारी होने की बात कही तो जा रही है लेकिन यह कब त‍क क्लियर होगा, इस बारे में कोई सूचना नहीं है।  

 

पंजाब के लिए क्लियर हुआ 87 करोड़ रु. का रिफंड 

निटवियर क्‍लब, लुधियाना के चेयरमैन विनोद थापर ने बताया कि GST रिफंड क्लियर तो हुआ है। हाल ही में सरकार की ओर से पंजाब कि लिए 87 करोड़ रुपए के GST रिफंड क्लियरेंस की बात सामने आई है। वहीं निटवियर एंड अपैरल मैन्‍युफैक्‍चरर्स एसोसिएशन ऑफ लुधियाना (KAMAL) के प्रेसिडेंट सुदर्शन जैन ने बताया कि GST से पहले जब ड्यूटी ड्रॉ बैक का चलन था, उस वक्‍त भी पूरा रिफंड साथ में न मिलकर धीरे-धीरे क्लियर होता था। साथ ही सभी कारोबारियों को साथ में क्लियर हो जाए, ऐसा भी नहीं था। इसलिए GST में धीरे-धीरे रिफंड क्लियर होना कोई नई बात नहीं है। यह प्रोसेस हमेशा से ही धीमी रही है। हालांकि पूरा रिफंड पहले भी क्लियर हो जाता था और GST में भी ऐसा ही होने की उम्‍मीद है। 

 

 

मेरठ, दिल्‍ली के कई कारोबारी भी अभी खाली हाथ 

हैंडीक्राफ्ट का बिजनेस करने वाले मेरठ के एक एक्‍सपोर्टर के मुताबिक, कुछ कारोबारियों को रिफंड मिला तो है लेकिन कितना मिला है और किस तरीके से मिला है, इस बारे में बहुत ज्‍यादा जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। हैंडीक्राफ्ट इंडस्‍ट्री के ज्‍यादातर लोगों को 15 दिन के रिफंड कैंपेन का फायदा नहीं मिल पाया है। हालांकि सरकार की तरफ से रिफंड के लिए प्रोसेस जारी होने और जल्‍द भुगतान का आश्‍वासन लगातार दिया जा रहा है। दिल्‍ली के एक एक्‍सपोर्टर ने भी इस कैंपेन से फायदा नहीं मिलने की बात पर सहमति जताई। वहीं मुंबई के एक ऑटो पार्ट्स एक्‍सपोर्टर ने बताया कि उनके सर्किल में लगभग 10-20 फीसदी लोगों का ही रिफंड क्लियर हुआ है। 

 

आगे पढ़ें- कितना रिफंड था अटका 

6,500 करोड़ रुपए का रिफंड

सरकार के मुताबिक, जुलाई से अक्टूबर तक का IGST रिफंड शिपिंग बिल के मुताबिक 6,500 करोड़ रुपए और इनपुट टैक्स क्रेडिट का अमाउंट करीब 30 करोड़ रुपए है। ये अमाउंट GSTN पोर्टल पर फाइल किए गए रिटर्न के आधार पर निकाला गया है। GST में एक्सपोर्टर्स का फंसा हुआ 6,500 करोड़ रुपए का रिफंड बड़ी समस्या बनता जा रहा था। इसी को देखते हुए सरकार ने 'रिफंड फोर्टनाइट' शुरू किया था ताकि अटका रिफंड क्लियर किया जा सके। 

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