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एक्सपोर्टर्स को GST रिटर्न, ई-वे बिल को लेकर अभी भी परेशानी, काउंसिल की मीटिंग में मिल सकती है राहत

जीएसटी काउंसिल की मीटिंग आज होने वाली है। ये उम्मीद की जा रही है कि इसमें जीएसटी की सिंगल रिटर्न पर आम सह

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नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की मीटिंग आज होने वाली है। ये उम्मीद की जा रही है कि इसमें जीएसटी की सिंगल रिटर्न पर आम सहमति बन सकती है। काउंसिल सिंगल रिटर्न को लेकर पॉजिटिव ऐलान कर सकती है। अभी भी जीएसटी लागू होने के नौ महीने बाद भी कारोबारी और एक्सपोर्टर्स जीएसटी में करीब 13 से अधिक रिटर्न को लेकर अभी तक परेशान है। सेज और एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स की अभी भी जीएसटी से पहले वाले और ई-वे बिल के बेनेफिट्स नहीं उठा पा रही हैं।

 

सिंगल रिटर्न को लाया जाया जल्द

 

अभी जीएसटीआर-3बी में सेल्स रिटर्न, डेबिट नोट और क्रेडिट नोट को एंटर करने की सुविधा नहीं है। अगर सेल्स रिटर्न कुल सप्लाई से अधिक होती है तो उसे रिटर्न में नहीं दिखाया जा सकता। जीएसटी काउंसिल से उम्मीद कर रहे हैं कि सेल्स रिटर्न, डेबिट नोट और क्रेडिट नोट भरने की सुविधा रिटर्न में मिले। साथ ही जीएसटी काउंसिल सिंगल रिटर्न फॉर्म लाने को लेकर सहमति बनाए, ताकि रिटर्न फाइलिंग आसान हो सके।

 

एक महीने से अधिक के रिफंड फाइल करने की मिले सुविधा

 

अभी जीएसटी पोर्टल पर एक्सपोर्टर्स एक कैलेंड़र महीना या क्वार्टर महीने का ही रिफंड क्लेम कर पाते हैं। कारोबारी काउंसिल से जीएसटी पोर्टल पर एक महीने से ज्यादा का रिफंड क्लेम करने की सुविधा शुरू करने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि वह पिछले महीने का क्लेम भी ले सकें।

 

 

पोर्ट कोड को किया जाए ठीक

 

कारोबारी सरकार से पोर्ट कोड को स्मॉल लेटर्स में डाले जाने पर भी कैपिटल लेटर्स में अक्सेप्ट करें। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर ईओयू और सेज के चेयरमैन विनय शर्मा ने moneybhaskar.com को बताया कि पोर्ट कोड कैपिटल की जगह स्मॉल लेटर में लिखने पर मिसमैच शो करता है। आईसीई के हेल्पडेस्क ने कहा कि यह जीएसटी हेल्पडेस्क के तहत ठीक होगा। जीएसटी हेल्पडेस्क कहता है कि यह आईसीई का हेल्पडेस्क ठीक करेगा। जीएसटी पोर्टल के अधिकार यह कहते हैं कि उनके पास इसे ठीक करने का अधिकार नहीं है। जीएसटी काउंसिल से पोर्ट कोड ठीक करने की इजाजत जीएसटी पोर्टल को देने की उम्मीद है।

 

आगे पढ़ें - जीएसटी काउंसिल मीटिंग से क्या हैं उम्मीदें..

 

 

इन्वॉइस मैनुअली होती है अक्सेप्ट

 

अभी जीएसटीआर-6 को लेकर कोई सॉल्युशंन नहीं है। अभी भी इन्वॉइस मैनुअली अक्सेप्ट और रिजेक्ट हो रही है। जीएसटीएन को इन्वॉइस फॉर्मेट में इन्वॉइस डाउनलोड करने और अपलोड करने की सुविधा देनी चाहिए जो अभी पोर्टल पर नहीं है।

 

-वे बिल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन

 

रजिस्टर कारोबारी को ई-वे बिल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। कोई भी कारोबारी ई-वे बिल पर सप्लायर या ट्रांसपोर्टर के तौर पर रजिस्ट्रेशन करा सकता है। यानी, अगर कोई रजिस्टर कारोबारी ई-वे बिल की वेबसाइट पर ट्रांसपोर्टर के तौर पर रजिस्टर कराता है तो वह दूसरी केटेगरी के तहत रजिस्टर नहीं करा सकता। कारोबारी उम्मीद कर रहे हैं कि ई-वे बिल पोर्टल पर रेगुलर और ट्रांसपोर्टर दोनों के तौर पर रजिस्ट्रेशन करा सके।

 

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