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GST रिफंड कैंपेन के बावजूद 60% एक्सपोर्टर ही ले पाए फायदा, सितंबर तक का हुआ क्लीयरेंस

मोदी सरकार ने अटके जीएसटी रिफंड के लिए जो 'रिफंड फोर्टनाइट' मेला शुरू किया था उसका अभी भी पूरा फायदा कारोबारियों को नहीं

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नई दिल्ली। मोदी सरकार ने अटके जीएसटी रिफंड के लिए जो 'रिफंड फोर्टनाइट' मेला शुरू किया था उसका अभी भी पूरा फायदा कारोबारियों को नहीं मिल पाया है। उनके अनुसार सरकार की कोशिशों के बावजूद अभी भी एक्सपोर्टर्स का अगस्त-सितंबर तक का ही रिफंड क्लीयर हो पाया है। यानी अभी सरकार रिफंड क्लीयर करने के मामले में करीब छह महीने पीछे चल रही है। यही नहीं रिफंड का क्लेम मांगने वाले कारोबारियों में भी अभी 50 से 60 फीसदी ही सितंबर तक का रिफंड ले पाए हैं।

 

 

अगस्त-सितंबर तक का ही रिफंड हुआ क्लीयर

 

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के अधिकारी ने moneybhaskar.com को बताया कि सरकार एक्सपोर्टर्स को रिफंड दिलाने के लिए काफी मेहनत कर रही है लेकिन सरकार के चलाए 'रिफंड फोर्टनाइट' मेले के बावजूद कारोबारियों का अगस्त-सितंबर तक का ही रिफंड क्लीयर हुआ है। अभी भी उनका छह महीने का रिफंड अटका हुआ है।

 

60 फीसदी का ही क्लीयर हुआ रिफंड

 

एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अधिकारी ने moneybhaskar.com को बताया कि अभी भी 50 से 60 फीसदी कारोबारियों के ही रिफंड क्लीयर हुए हैं। करीब 40 फीसदी को अभी सितंबर तक का भी रिफंड नहीं मिला है। उनके सप्लायर या अन्य कारोाबरी के जीएसटी नहीं चुकाने या अमाउंट मैच नहीं होने के कारण रिफंड अटके हुए हैं।

 

सरकार को और करनी होगी मदद

 

एक्सपोर्ट एसोसिएशन सरकार को रिफंड दिलाने के लिए अभी और मदद करनी होगी क्योंकि 6 महीने के रिफंड अभी भी अटके हुए हैं। सरकार को एक बार फिर ऐसा मेला चलाना होगा ताकि एक्सपोर्टर्स के रिफंड जल्दी हो सकें।

 

सरकार ने चलाया था 'रिफंड फोर्टनाइट' मेला

 

सरकार ने एक्सपोर्टर्स के 9 महीने से अटके रिफंड देने के लिए 31 मार्च तक 'रिफंड फोर्टनाइट' चलाया था। बीते नौ महीनों से अटके रिफंड की वजह से कारोबारी के लिए बिजनेस करना मुश्किल हो गया था। बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने 'रिफंड फोर्टनाइट' शुरू किया और सरकार का दावा था कि सभी अटके रिफंड क्लीयर कर दिए जाएंगे।

 

आगे पढ़ें - कितना था रिफंड

 

 

6,500 करोड़ रुपए का है रिफंड

 

सरकार के मुताबिक जुलाई से अक्टूबर तक का आईजीएसटी रिफंड शिपिंग बिल के मुताबिक 6,500 करोड़ रुपए और इन्पुट टैक्स क्रेडिट का अमाउंट करीब 30 करोड़ रुपए है। ये अमाउंट जीएसटीएन पोर्टल फाइल की गई रिटर्न के आधार पर निकाला गया है। जीएसटी में एक्सपोर्टर्स का फंसा हुआ 6,500 करोड़ रुपए का रिफंड बड़ी समस्या बनता जा रहा था। सरकार ने 'रिफंड फोर्टनाइट' शुरू किया जिसके तहत एक्सपोर्टर्स के पेंड़िग रिफंड जल्द करने का टारगेट रखा था।

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