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खरीदकर ले जा रहे हैं सैमसंगS9 या iPhoneX तो बनवाना होगा ई-वे बिल, जान लीजिए ये नियम

कस्टमर को भी 50,000 से अधिक के प्रोडक्ट खरीदने पर ई-वे बिल बनाना होगा। सरकार ने यह क्लीयर कर दिया है

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नई दिल्‍ली. कस्टमर को भी 50,000 से अधिक के प्रोडक्ट खरीदने पर ई-वे बिल बनाना होगा। सरकार ने यह क्लीयर कर दिया है कि ई-वे बिल ट्रेडर्स और ट्रांसपोटर्स के लिए ही नहीं बल्कि कंज्‍यूमर के लिए भी बनवाना जरूरी है। यदि कोई कस्‍टमर 50 हजार रुपए से ज्‍यादा का सामान खरीदकर ले जा रहा है तो उसे ई-वे बिल जेनरेट करना होगा। आइए जानते हैं कस्टमर को कब-कब बनवना होगा ई-वे बिल..

 

महंगे प्रोडक्ट खरीदने पर बनाना होगा ई-वे बिल

 

सरकार की ओर से इस संबंध में क्लियरिफिकेशन जारी किया गया है। सीधे तौर पर इसे ऐसे समझें, यदि कंज्‍यूमर 50,000 रुपए से अधिक का टीवी या मोबाइल, फ्रिज खरीदकर स्वयं अपने व्हीकल में दूसरे राज्य में लेकर जाता है, तो उसे भी ई-वे बिल जेनरेट कराना होगा।

 

कंज्‍यूमर को भी बनाना होगा ई-वे बिल

 

चार्टर्ड अकाउंटेंट शुभी गुप्ता ने moneybhaskar.com को बताया कि सरकार ने ई-वे बिल को क्लियरिफिकेशन दिए हैं। इनमें कहा गया है कि एक कन्ज्यूमर को भी 50 हजार रुपए से अधिक का माल या प्रोडक्ट ट्रांसपोर्ट करने पर ई-वे बिल बनाना होगा। यानी अगर कोई कस्टमर 50 हजार रुपए से अधिक का मोबाइल या टीवी खरीदता है जिसे वह अपने स्वयं के व्हीकल में लेकर जाता है तो उसे ई-वे बिल जेनरेट करना होगा। ये ई-वे बिल कन्ज्यूमर के तरफ से टैक्सपेयर या सप्लायर बना सकता है। कन्ज्यूमर स्वयं भी ई-वे बिल के पोर्टल पर सिटीजन के तौर पर रजिस्टर कर ई-वे बिल जेनरेट कर सकता है।

 

आगे पढ़ें - इन राज्यों में खरीदने पर भी बनाना होगा ई-वे बिल..

इन राज्यों में खरीदने पर जेनरेट करना होगा अनिवार्य

 

15 अप्रैल से देश के पांच राज्य राज्‍य आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्‍तर प्रदेश में इंट्रा-स्‍टेट ई-वे बिल सिस्‍टम लागू हो चुका है। यानी इन राज्यों के लोग महंगे प्रोडक्ट खरीदकर अपने घर भी लेकर जाते हैं तो उसे ई-वे बिल जेनरेट करना होगा क्योंकि यहीं इंट्रा स्टेट ई-वे बिल लागू है। अब इन राज्यों में 50 हजार रुपए से अधिक कीमत के गुड्स की सप्लाई राज्य के अंदर भी करने पर ई-वे बिल बनाना होगा। राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनाना होता है।

 

आगे पढ़ें - कस्टमर को कैसे करना होगा ई-वे बिल पर रजिस्ट्रेशन

 

कस्टमर को करना होगा ई-वे बिल पर रजिस्ट्रेशन

 

ई-वे बिल सिस्टम में कस्टमर को एनरोलमेंट फॉर्म भरना होगा जिसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन होगा। ये फॉर्म ई-वे बिल की वेबसाइट पर है और उन्हें रजिस्ट्रेशन के दौरान ये फॉर्म भरना होगा।

 

 

-वे बिल के लिए कराना होगा रजिस्ट्रेशन

 

इंटर और इंट्रा स्टेट ई-वे बिल के तहत रजिस्‍ट्रेशन की प्रोसेस शुरू हो चुका है। महंगे प्रोडक्ट खरीदने वाले कस्टमर ई-वे बिल पोर्टल https://www.ewaybillgst.gov.in पर जाकर रजिस्‍ट्रेशन या इनरॉलमेंट करा सकते हैं। इसके बाद ई-वे बिल फॉर्म-1 भरकर वह ई-वे बिल जेनरेट कर सकते हैं।

 

क्‍या है ई-वे बिल सिस्‍टम?

 

 

ई-वे बिल पूरे तरह से ऑनलाइन सिस्टम है। इसमें 50 हजार रुपए से ज्यादा का सामान ट्रांसपोर्ट करने वाले कस्टमर, ट्रांसपोर्टर, ट्रेडर को ऑनलाइन ई-वे बिल जेनरेट करना होता है। यह 1 से 15 दिन तक मान्य होगा। वैलेडिटी प्रोडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगा। जैसे 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1 दिन का ई-बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए 15 दिन का ई-बिल बनेगा। सरकार का दावा है कि ई-वे बिल सिस्‍टम से देश में एक जगह से दूसरी जगह सामान की आवाजाही बेहद आसान हो जाएगी। साथ ही चुंगी नाकों पर ट्रकों और गुड्स कैरियर व्हीकल की लाइन भी खत्म होगी।

 

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