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होली के रंगों पर नजर आया GST का असर, सेल बीते साल से रही 30% कम

सरकार ने पैकेज्ड गुलाल और होली के रंगों पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया है जिससे वह 18 फीसदी महंगे हो गए हैं।

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नई दिल्ली। होली के रंगो पर नए टैक्स स्ट्रक्चर जीएसटी का असर साफ नजर आ रहा है। सरकार ने पैकेज्ड गुलाल और होली के रंगों पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया है जिससे वह 18 फीसदी महंगे हो गए हैं। कारोबारियों के मुताबिक होली के रंगो की सेल पर जीसटी के कारण 30 फीसदी तक सेल गिरी है। कारोबारियों के अनुसार पैकेज्ड रंगों पर जीएसटी लगने से कीमतों में 30-40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है।

 

 

बीते साल से कम रही सेल

 

 

होली के रंगों की होलसेल मार्केट सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ताराचंद गुप्ता ने moneybhaskar.com को बताया कि पहले होली के रंगों पर 5 फीसदी वैट था लेकिन अब जीएसटी में इस पर टैक्स18 फीसदी कर दिया है। इससे पैकेज्ड गुलाल महंगा हो गया है और कीमतों का असर सेल पर भी नजर आया है। बीते साल की तुलना में सेल इस साल 30 फीसदी कम हुई है। गुप्ता ने कहा कि केसरिया गुलाल की डिमांड बीते साल की तरह इस साल भी अच्छी है। गुप्ता ने कहा कि खुले में बिकने वाला रंग की सेल भी हो रही है।

 

 

जीएसटी का पड़ा असर

 

 

बीते साल तक लोकल मैन्युफैक्चर को 4 महीने पहले ही होली के ऑर्डर मिलने शुरू हो जाते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। होली से एक महीने पहले ही ऑर्डर मिलना शुरू हुए । यूपी के कारोबारी नरेंद्र गुप्ता ने moneybhaskar.com को बताया कि बीते साल उन्होंने 110 टन रंग बेचा था लेकिन इस साल सिर्फ 75 टन ही रंग बिका है। होली के 15 दिन पहले तक 70 फीसदी स्टॉक बेच देते थे लेकिन इस बार सिर्फ 50 फीसदी ही स्टॉक बिका था।

 

 

जीएसटी ने बढ़ाई कीमतें

 

 

पहले 100 ग्राम गुलाल का पैकेट जो थोक बाजार में जीएसटी से पहले 10 रुपए में बिकता था अब वह 12 से 14 रुपए मे बिक रहा है। खुले गुलाल की कीमत थोक बाजार में 21 रुपए से बढ़कर 25 रुपए तक हो गई है। थोक बाजार में गुलाल के पैकेज 5 रुपए से 60 रुपए में बिक रहा है। यही रिटेल बाजार में इसकी कीमत ज्यादा बढ़ी जिसका असर सेल पर नजर आया है।

 

 

आगे पढ़ें - किसकी ज्यादा बिक रही है पिचकारी

 

 

 

चीन से ज्यादा बिक रही है भारतीय पिचकारी

 

 

ताराचंद गुप्ता ने कहा कि इस बार मार्केट में चीन की पिचकारी से ज्यादा भारतीय मैन्युफैक्चर्स की पिचकारी ज्यादा बिक रही है। हालांकि, दोनो के बीच कीमतों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है लेकिन क्वालिटी लोकल मैन्युफैक्चर्स की बेहतर होने के कारण इनकी डिमांड ज्यादा है। थोक बाजार में भारतीय पिचकारी 20 रुपए से 1,500 रुपए की है। वहीं, चीन की पिचकारी की कीमत 20 से 500 रुपए है।

 

 

लाख किलोग्राम गुलाल का हुआ प्रोडक्शन

 

 

सर्वे के मुताबिक होली पर देश भर में 5 लाख किलोग्राम गुलाल का प्रोडक्शन औसतन होता है। इसमें से 2 लाख किलोग्राम गुलाल का इस्तेमाल यूपी के ब्रज मंडल, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, मथुरा, नंदगांव, वृंदावन और अलाहाबाद जैसे शहरों में हो जाता है।

 

 

 

 

 

 

 

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