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मई में GST कलेक्‍शन 94016 करोड़ रहा, अप्रैल में 1 लाख करोड़ से ज्‍यादा मिला था रेवेन्‍यू

वित्‍त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मई महीने का जीएसटी कलेक्‍शन अप्रैल के मुकाबले कम रहा।

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नई दिल्‍ली. मई में कुल जीएसटी कलेक्‍शन 94,016 करोड़ रुपए रहा। वित्‍त मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मई महीने का जीएसटी कलेक्‍शन अप्रैल के मुकाबले कम रहा। अप्रैल में कलेक्‍शन अधिक होने की वजह ईयर एंड इफेक्‍ट रहा। हालांकि, हर महीने जीएसटी के औसत कलेक्‍शन देखा जाए तो यह पिछले वित्‍त वर्ष की तुलना में ज्‍यादा रहा। पिछले वित्‍त वर्ष में हर महीने औसतन 89,885 करोड़ रुपए का रेवेन्‍यू जीएसटी से मिला। जबकि मई महीने का रेवेन्‍यू 94,016 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। 

 

किस मद में कितना कलेक्‍शन 
वित्‍त मंत्रालय के अनुसार, मई 2018 का ग्रास जीएसटी रेवेन्‍यू कलेक्‍शन 94,016 करोड़ रुपए रहा। इसमें सीजीएसटी से 15,866 करोड़, एसजीएसटी से 21,691 करोड़, आईजीएसटी से 49,120 करोड़ (24,447 करोड़ का इम्‍पोर्ट से कलेक्‍शन भी शामिल) और सेस से 7,339 करोड़ रुपए (854 करोड़ रुपए का इम्‍पोर्ट कलेक्‍शन भी शामिल) हासिल हुआ। बता दें, अप्रैल में जीएसटी कलेक्‍शन 1,03,458 करोड़ रुपए रहा। पहली बार जीएसटी कलेक्‍शन एक लाख करोड़ के पार पहुंचा था। देशभर में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (जीएसटी) 1 जुलाई 2017 से लागू हो गया है। 


62 लाख से ज्‍यादा फाइल हुए रिटर्न 
अप्रैल महीने में 31 मई 2018 तक के लिए फाइल किए गए जीएसटीआर 3बी रिटर्न का आंकड़ा 62.47 लाख रहा। जबकि मार्च में 30 अप्रैल तक के लिए 60.47 लाख रिटर्न फाइल किए गए थे। 

 

केंद्र, राज्‍यों को कितना मिला रेवेन्‍यू 
मई 2018 में सेटलमेंट होने के बाद केंद्र सरकार और राज्‍यों को मिला कुल रेवेन्‍यू सीजीएसटी के लिए 28,797 करोड़ और एसजीएसटी के लिए 34,020 करोड़ रुपए रहा।  

 

राज्‍यों को 6696 करोड़ का जीएसटी कम्‍पंसेशन 
वित्‍त मंत्रालय के अनुसार, 29 मई 2018 तक मार्च 2018 के लिए राज्‍यों को 6,696 करोड़ रुपए का जीएसटी कम्‍पंसेशन जारी किया गया। इस तरह, वित्‍त वर्ष 2017-18 (जुलाई-मार्च) में राज्‍यों को कुल जीएसटी कम्‍पंसेशन 47,844 करोड़ रुपए जारी किया गया। 

 

6.5 करोड़ से ज्‍यादा जेनरेट हुए ई-वे बिल 
वित्‍त सचिव हसमुख अढिया ने बताया कि मई में जीएसटी कलेक्‍शन के आंकड़ों से पता चलता है कि ई-वे बिल लागू करने के बाद उसका पालन सही तरीके से हो रहा है। अप्रैल-मई 2018 के दौरान 6.5 करोड़ से ज्‍यादा ई-वे बिल जेनरेट हुए। अप्रैल में 2.8 करोड़ और मई में 3.7 करोड़ ई-वे बिल जेनरेट हुए। 

 

11 माह में GST कलेक्‍शन

 

माह

रेवेन्‍यू (करोड़ रुपए में ) 

जुलाई 2017

94,063 

अगस्‍त

90,669 

सितंबर

92,150 

अक्‍टूबर

83,346 

नवबंर    

80,808 

दिसबंर

86,703 

जनवरी- 2018

86,318

फरवरी

85174 

मार्च  90,000
अप्रैल  1,03,458
मई  94,016


2018-19 के लिए 12 लाख करोड़ कलेक्‍शन का लक्ष्‍य 

जीएसटी काउंसिल ने वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान जीएसटी से 12 लाख करोड़ रुपए कलेक्‍शन का लक्ष्य रखा है। सरकार को वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान प्रति माह 89,885 करोड़ जीएसटी से टैक्‍स मिला था। हालांकि यह 91,000 करोड़ के लक्ष्य से कम था। काउंसिल द्वारा दिए गए 12 लाख करोड़ के लक्ष्य के पीछे की मुख्य वजह सरकार की ओर से टैक्स चोरी के खिलाफ लगातार उठाए जा रहे कदम हैं और पटरी पर लौट रही अर्थव्‍यवस्‍था है। यही नहीं 1 अप्रैल को लागू किए गए ई-वे बिल से भी काफी रेवेन्यू जनरेट होगा, जिसका असली नतीजा जून, जुलाई में देखने को मिलेगा।

 

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