Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

होम बायर्स को क्रेडिटर्स का दर्जा देने के लिए अध्‍यादेश लाएगी सरकार, IBC में होगा बदलाव Sterlite प्लांट में हिंसाः मद्रास हाईकोर्ट ने स्मेल्टर के कंस्ट्रक्शन पर लगाया स्टे सरकार चाहे तो पेट्रोल के दाम 25 रुपए/लीटर तक घटा सकती है: चिदंबरम Stock Market Live: बाजार में गिरावट बढ़ी, सेंसेक्स 150 अंक गिरा, निफ्टी 10450 के करीब, RIL-ITC टूटे वेदांता का शेयर 6% गिरकर 10 महीने के लो पर, स्टरलाइट कॉपर में प्रदर्शन का असर Contract farming : केंद्र लाया मॉडल कानून, किसानों के हित में कई प्रावधान Flipkart में अपनी पूरी हि‍स्‍सेदारी बेचने को तैयार Softbank, मि‍ल सकते हैं 4.5 अरब डॉलर Stock Market: SBI के शेयर 2 दिन में 10% बढ़े, मार्केट कैप 22 हजार करोड़ रु बढ़ी Stock Market: आज इन शेयरों में कमाई का मौका, ऐसे उठाएं फायदा Forex Market: रुपए 16 महीने के निचले स्तर पर, 11 पैसे टूटकर 68.15/$ पर खुला Petrol Price: एक्‍साइज ड्यूटी में 2 से 4 रुपए की कटौती कर सकती है सरकार Asian Markets: एशियाई बाजारों में कमजोरी, निक्केई 248 अंक टूटा 3 साल में उत्‍तर भारत में सबसे बड़ी बिजली की शॉर्टेज, डिमांड व सप्‍लाई में 2 करोड़ यूनिट का अंतर Q4 में इन कंपनियों का 9 गुना तक बढ़ा मुनाफा, आगे शेयर दे सकते हैं 111% तक रिटर्न दिल्‍ली में IT की बिल्‍डरों के यहां छापेमारी, 215 करोड़ रुपए की ब्‍लैकमनी का खुलासा
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » GSTGST: 1 अप्रैल से लागू होगा इंटर स्टेट ई-वे बिल, रिवर्स चार्ज 1 जुलाई तक टला

GST: 1 अप्रैल से लागू होगा इंटर स्टेट ई-वे बिल, रिवर्स चार्ज 1 जुलाई तक टला

नई दिल्ली। देश भर में 1 अप्रैल से से इंटर स्टेट ई-वे बिल लागू होगा। जीएसटी काउंसिल की आज हुई 26वीं मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। शुरू में इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 3 राज्यों में ही लागू होगा, जिसे बाद में चरणबद्ध तरीके से दूसरे राज्यों में लागू किया जाएगा। काउंसिल ने रिवर्स चार्ज भी फिलहाल 1 जुलाई तक के लिए टाल दिया है। इसके अलावा काउंसिल ने एक्सपोर्टर्स को मिल रही छूट को भी 6 महीने के लिए बढ़ा दिया है।साथ ही रिटर्न फाइलिंग के मौजूदा सिस्टम को अगले तीन महीने  के लिए बरकरार रखा है। इस बात की जानकारी फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने काउंसिल की मीटिंग खत्म होने के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में दी है।

 

 

 

क्या है इंट्रा और इंटर स्टेट ई-वे बिल?

 

राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनेगा, जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल बनेगा।

 

1 अप्रैल से लागू होगा इंटर स्टेट बिल

 

अब देश भर में इंटर स्टेट ई-वे बिल 1 अप्रैल से लागू होगा। जबकि इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से राज्यों में लागू होगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल को 1 जून 2018 तक पूरे देश में लागू  करने का प्लान है। अभी इंट्रा स्टेट ई-वे बिल तीन राज्यों केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में 15 अप्रैल से लागू होगा और इसके बाद अन्य राज्यों में लागू किया जाएगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 4 राज्यों के लॉट में लागू किया जाएगा। यानी पहले 4 राज्यों में लागू होगा और उसके बाद अन्य 4 राज्यों में लागू होगा।

 

क्या है ई-वे बिल?

 

ई-वे बिल के तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा के अमाउंट के प्रोडक्ट की राज्य या राज्य से बाहर ट्रांसपोर्टेशन या डिलीवरी के लिए सरकार को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए पहले ही बताना होगा। इसके तहत ई-वे बिल जनरेट करना होगा जो 1 से 20 दिन तक वैलिड होगा। यह वैलिडिटी प्रोडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगी। जैसे 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1 दिन का ई-वे बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी के लिए 20 दिन का ई-वे बिल बनेगा।

 

जीएसटी काउंसिल ने टाला रिवर्स चार्ज

 

काउंसिल ने रिवर्स चार्ज को भी 1 जुलाई तक के लिए टाल दिया है। जीएसटी काउंसिल रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म, टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (टीडीएस), टीसीएस को  1 जुलाई तक टाल दिया है। जीएसटी में अनरजिस्टर्ड डीलर से प्रोडक्ट या नॉन रजिस्टर जॉब वर्कर से सर्विस लेने पर रिवर्स चार्ज लगने का प्रावधान है। यानी, अगर आपने अनरजिस्टर्ड डीलर से कोई सर्विस या प्रोडक्ट लेने पर आपको टैक्स देना होगा। जैसे जीसएटी रजिस्टर्ड डीलर अगर किसी अनरजिस्टर्ड डीलर से कोई प्रोडक्ट या सर्विस लेता है तो उसे रिवर्स चार्ज  चुकाना होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि अनरजिस्टर्ड डीलर जीएसटी के दायरे से बाहर है। हालांकि रजिस्टर्ड डीलर को बाद में दिए गए टैक्स का रिफंड मिल जाएगा।

 

 

रिटर्न फाइलिंग आसान बनाने पर नहीं हुआ फैसला

 

फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली  ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने रिटर्न फाइलिंग के दो तरीकों के बारे में चर्चा की है लेकिन इस पर कोई आम सहमति अभी नहीं बन पाई है। अभी रिटर्न फाइलिंग का जो तरीका है वह अगले तीन महीने तक चलेगा। कारोबारियों को जीएसटीआर-3बी जून तक फाइल करनी होगी।

 

आगे पढ़े - जीएसटी काउंसिल मीटिंग के अहम प्वाइंट

 

 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.