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GST एंटी प्रॉफिटियरिंग कमेटी का 5 कंपनियों को नोटिस, कंज्यूमर्स को नहीं दिया था फायदा

नई दिल्ली। जीएएसटी एंटी प्रॉफियटरिंग पैनल ने 5 कंपनियों को नोटिस भेजा है। इन कंपनियों में हार्डकैसल रेस्टोरेंट, लाइफस्टाइल इंटरनेशनल रिटेलर, पयरामिड इंफ्रा, मैकडॉनल्ड फ्रेंचाइजी वेस्ट और साउथ इंडिया, होंडा मोटर्स डीलर्स शामिल है। इन कंपनियों ने जीएसटी के बेनेफिट्स कन्ज्यूमर को पास नहीं किया जिसके कारण इन्हें नोटिस भेजा गया है।

 

 

कस्टमर की शिकायत पर भेजा नोटिस

 

इन कंपनियों को नोटिस शिकायतों पर भेजा गया है। हार्डकैसल रेस्टोरेंट के खिलाफ शिकायत थी कि वह अभी भी कॉफी और चाय पर 18 फीसदी जीएसटी चार्ज कर रहा है जबकि सरकार ने रेस्त्रां पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। पिरामिड इंफ्राटेक पर 36 बायर्स ने इन्पुट टैक्स क्रेडिट बेनेफिट पास नहीं करने की शिकायत आई थी जिसके बाद इन्हें नोटिस भेजा गया है। इससे पहले जयपुर की शर्मा ट्रेडिंग कंपनी को भी नोटिस भेजा था क्योंकि वह वैसलिन को 28 फीसदी जीएसटी पर बेच रहा था जबकि उस पर टैक्स रेट घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया था।

 

मांगी है प्राइस लिस्ट

 

इन कंपनियों को बैलेंस शीट की कॉपी, प्रॉफिट एंड लॉस अकाउंट स्टेटमेंट 2016-17, जुलाई से दिसंबर तक की जीएसटी रिटर्न, इन्वॉइस डिटेल, गुड्स सेल और परचेज कॉपी, 15 नवंबर से पहले और बाद की प्राइस लिस्ट मांगी है। नए टैक्स स्ट्रक्टर जीएसटी में एंटी प्रॉफिटियरिंग का क्लॉज है जो कस्टमर की शिकायत का अधिकार देता है। जो कंपनियां टैक्स कट और इन्पुट टैक्स क्रेडिट का फायदा कस्टमर को पास नहीं कर रहे हैं, सरकार उनके खिलाफ एक्शन लेगी।

 

 

सरकार ने बनाई है एंटी प्रॉफियटरिंग अथॉरिटी

 

सरकार ने नवंबर में राजस्थान कैडर के आईएस अधिकारी बद्री नारायण शर्मा को नैशनल एंटी प्रॉफियटरिंग अथॉरिटी (एनएए) का चेयरमैन बनाया था। बीते साल सेंट्रल मिनिस्ट्री ने जीएसटी के तहत नैशनल एंटी प्रॉफियटरिंग अथॉरिटी बनाने की मंजूरी दी थी। इसे बनाने के पीछे सरकार का मकसद कस्टमर को एंटी प्रॉफियटरिंग से बचाना था। ऐसा न हो की कंपनियां रेट कट का फायदा इन्पुट कॉस्ट के बहाने से कस्टमर को पास न करें। सरकार चाहती है कि जीएसटी के तहत उसने जो टैक्स रेट कम किए हैं उसका फायदा कस्टमर को मिल सके।

 

 

 

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