Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

Tech in gadgets: बैटरी नहीं होती जिम्‍मेदार, स्‍मार्टफोन की स्‍लो चार्जिंग के ये हैं 3 दुश्‍मन नीरव मोदी, माल्‍या जैसे भगोड़ों की प्रॉपर्टी होगी जब्‍त, सरकार ने अध्‍यादेश को दी मंजूरी मैन्‍युफैक्‍चरिंग जीडीपी को बढ़ाएगी नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी : प्रभु 164 लाख करोड़ डॉलर के कर्ज पर बैठी दुनि‍या, पब्‍लि‍क-प्राइवेट डेट बना जोखि‍म मासूम से बलात्‍कार के मामलों में होगी फांसी, कैबिनेट ने अध्‍यादेश को दी मंजूरी यशवंत सिन्‍हा ने भाजपा छोड़ी हैदराबाद में डीजल स्मगलिंग रैकेट का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार और 1 करोड़ का डीजल सीज 349 रु में खरीदिए 1400 रुपए का कुर्ता, गर्मियों में जमेगी धाक बैंकों में जमा हुए रिकॉर्ड जाली नोट, 4.73 लाख हुए संदिग्ध ट्रांजैक्शन; नोटबंदी के बाद पहली रिपोर्ट अगले 2 महीनों में 85 डॉलर/बैरल तक पहुंच सकता है क्रूड, और महंगा होगा पेट्रोल-डीजल GST रिटर्न भरने के लिए आएगा सिंगल पेज का फार्म, 6 महीने में लागू होगी व्‍यवस्‍था इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस को 1030 करोड़ का हुआ मुनाफा, लोन ग्रोथ मजबूत हुई खास खबर : क्‍या रोड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से बदलेगी भारत की इकोनॉमी ? डीजल स्‍कैंडल: फॉक्सवैगन के ब्रांड पोर्श का मैनेजर हिरासत में चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव कांग्रेस का रिवेंज पिटीशन: अरुण जेटली
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » GSTजॉब वर्कर को भी बनाना होगा ई-वे बिल, सरकार ने जारी किए 10 क्लैरिफिकेशन

जॉब वर्कर को भी बनाना होगा ई-वे बिल, सरकार ने जारी किए 10 क्लैरिफिकेशन

नई दिल्ली। देश भर में ई-वे बिल 1 अप्रैल से लागू होने वाला है। ऐसे में ई-वे बिल के काउंटडाउन में दो दिन बचे हैं। सरकार ने ई-वे बिल सिस्टम आसानी से चले इसके लिए दस नए क्लैरिफिकेशन कारोबारियों के लिए जारी किए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि रजिस्टर्ड जॉब वर्कर को ई-वे बिल बनवाना होगा। रेलवे, एयर या जहाज के जरिए गुड्स ट्रांसपोर्ट करने पर रजिस्टर्ड सप्लायर को ही ई-वे बिल बनाना होगा।

 

 

सरकार ने जारी किए 10 नए क्लैरिफिकेशन

 

 

1 अगर प्रोडक्ट का ट्रांसपोर्टेशन जॉब वर्क के लिए किया जा रहा है, तो उस केस में सप्लायर या रजिस्टर्ड जॉब वर्कर को ई-वे बिल जेनरेट करना होगा।

 

 

2 रेलवे, एयर या जहाज के जरिए गुड्स ट्रांसपोर्ट करने पर रजिस्टर्ड सप्लायर या रेसिपिंट ही ई-वे बिल जेनरेट करेगा। इस केस में ट्रांसपोर्टर ई-वे बिल जेनरेट नहीं करेगा। गुड्स की डिलीवरी के समय ई-बिल होना जरूरी होगा।

 

 

3 देश भर में इंटर स्टेट ई-वे बिल यानी एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल 1 अप्रैल 2018 से लागू होग। इससे पहले तक ई-वे बिल अपनी इच्छा से बनवा सकते हैं।

 

4 कारोबारी को ई-वे बिल की वेबसाइट https://ewaybillgst.gov.in पर जाकर रजिस्टर करना होगा। वह अपने जीएसटीआईएन नंबर से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें 1 अप्रैल 2018 का इंतजार करने की जरूरत नहीं है।

 

5 ई-वे बिल तभी बनवाने की जरूरत है जब गुड्स की वैल्यू टैक्स मिलाकर 50 हजार रुपए से ज्यादा है। इसमें जीएसटी में टैक्स छूट के दायरे में आने वाले प्रोडक्ट और जिन प्रोडक्ट को ई-वे बिल बनवाने से छूट मिली है उनके लिए ई-वे बिल नहीं बनाना होगा। वह 50 हजार रुपए की गिनती में भी शामिल नहीं होंगे।

 

6 अगर ट्रांसपोर्ट किए जाने वाले गुड्स की कीमत 50 हजार रुपए से कम है तो ई-वे बिल नहीं बनाना होगा। अगर एक व्हीकल में अगर एक से ज्यादा ट्रेडर्स के गुड्स जा रहे हैं और हर एक के कन्साइनमेंट की वैल्यू 50 हजार रुपए से कम है लेकिन उनके कन्साइनमेंट की वैल्यू 50 रुपए से अधिक भी है तो भी ई-वे बिल बनवाने की जरूरत नहीं होगी।

 

 

7 सप्लायर ट्रांसपोर्टर, कुरियर एजेंसी और ई-कॉमर्स ऑपरेटर को पार्ट-A सप्लायर की तरफ से भरने के लिए ऑथराइज्ड कर सकता है।

 

आगे पढ़ें - अन्य क्लैरिफिकेशन के बारे में..

 

 

 

 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.