Home » Economy » GST31 मार्च तक करा सकते हैं कंपोजिशन स्कीम में कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन- composition scheme in GST

कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन डेट 31 मार्च तक बढ़ी​, छोटे कारोबारियों के लिए एक और मौका

ट्रेडर्स, कारोबारी, मैन्युफैक्चर, डीलर या रेस्टोरेंट मालिक अगर अभी तक कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन कराना चूक गए।

1 of

नई दिल्ली। जीएसटी में छोटे कारोबारियों को कम टैक्स चुकाना पड़े इसके लिए सरकार ने एक बार और राहत दी है। सरकार ने कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन कराने की डेडलाइन 31 मार्च तक बढ़ा दी है। ऐसे में 1.50 करोड़ रुपए तक के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारी स्कीम में रजिस्ट्रेशन कराकर कम टैक्स देने का फायदा उठा सकते हैं। कंपोजिशन स्कीम के तहत कारोबारियों को केवल 1 फीसदी, 2फीसदी और 5 फीसदी की दर से टैक्स चुकाना होगा।

 

 

1.50 करोड़ तक टर्नओवर वाले कारोबारी ऐसे उठा सकते हैं फायदा

 

कंपोजिशन स्कीम लेने वाले 1.50 करोड़ तक टर्नओवर वाले कारोबारी भी कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं लेकिन उन्हें मासिक रिटर्न फाइल करनी होगी। ये रिटर्न हर महीने की 20 तारीख को जाएगी। इन्हें भी कम टैक्स रेट का बेनेफिट मिलेगा। यानी कंपोजिशन स्कीम लेने वाले 1.50 करोड़ तक टर्नओवर वाले कारोबारी 1, 2 और 5 फीसदी टैक्स रेट की दर से टैक्स चुकाएंगे।

 

इन्हें भरनी होगी तिमाही रिटर्न

 

कंपोजिशन स्कीम लेने वाले 20 लाख रुपए से अधिक और 1 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारियों को क्वार्टली रिटर्न फाइल करनी होगी। इन्हें जीएसटीआर-4 रिटर्न फाइल करनी होगी। इसके तहत कारोबार, ट्रेडर, एसएमई या रेस्टोरेंट मालिक का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपए से अधिक और 1 करोड़ रुपए तक है वह कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

 

16 लाख कारोबारियों ने कराया है कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन

 

अभी हाल में ही इकोनॉमिक सर्वे में बताया कि देश में करीब 98 लाख कारोबारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें से 16 लाख काबोरियों ने कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन कराया है।

 

 

आगे पढ़ें - कंपोजिशन स्कीम के फायदे और नुकसान

 

 

 

 

 

कंपोजिशन स्कीम के फायदे और नुकसान

 

- कंपोजिशन स्कीम के तहत कारोबारी अपने ट्रेडिंग और मैन्युफैक्चरिंग दो अलग कारोबार को जोड़कर भी टैक्स बेनेफिट ले सकते हैं लेकिन दोनों कारोबार का सालाना टर्नओवर का जोड़ 1 करोड़ रुपए तक होना चाहिए।

 

- जीएसटी टैक्स रेट कम चुकाना होगा।

 

- कंपोजिशन स्कीम लेने वाले कारोबारी वैट रिफंड और इन्पुट क्रेडिट नहीं ले पाएंगे।

 

 

20 लाख रुपए से कम टर्नओवर वाले करोबारी रहेंगे जीएसटी से बाहर

 

 

- 20 लाख रुपए से कम टर्नओवर वाले करोबारी जीएसटी के दायरे से बाहर हो जाएंगे। अभी तक 10 लाख रुपए तक के टर्नओवर पर वैट में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता था लेकिन जीएसटी में ये ये दायरा बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया है।

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट