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31 मार्च तक करा सकते हैं कंपोजिशन स्कीम में कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन, सरकार ने फिर खोली विंडो

ट्रेडर्स, कारोबारी, मैन्युफैक्चर, डीलर या रेस्टोरेंट मालिक अगर अभी तक कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन कराना चूक गए।

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नई दिल्ली। ट्रेडर्स, कारोबारी, मैन्युफैक्चर, डीलर या रेस्टोरेंट मालिक अगर अभी तक कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन कराना चूक गए। वह इस सकीम का फायदा उठाना चाहते हैं तो 31 मार्च 2018 तक जीएसटी पोर्टल पर जाकर फिर से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सरकार ने कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन की विंडो बीते साल दिसंबर में बंद कर दी थी लेकिन एक बार फिर सरकार नें 31 मार्च तक के लिए विंडो खोल दी है।

 

 

कौन करा सकता है कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन

 

जिन कारोबारियों, ट्रेडर, एसएमई या रेस्टोरेंट मालिक का सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपए से अधिक और 1 करोड़ रुपए तक है वह कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके तहत कारोबारियों, ट्रेडर, एसएमई को सिर्फ 1 फीसदी की दर से जीएसटी टैक्स चुकाना होगा। वहीं रेस्टोरेंट मालिक को 5 फीसदी की दर से टैक्स चुकाना होगा। इस स्कीम का फायदा रिटेलस, होलसेलर, कारोबारी, रेस्त्रां मालिक उठा सकते हैं।

 

 

कंपोजिशन स्कीम लेने वालों के भरनी होगी तिमाही रिटर्न

 

कंपोजिशन स्कीम लेने वाले 20 लाख रुपए से अधिक और 1 करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारियों को क्वार्टली रिटर्न फाइल करनी होगी। इन्हें जीएसटीआर-4 रिटर्न फाइल करनी होगी।

 

 

1.50 करोड़ तक टर्नओवर वाले कारोबारी ऐसे उठा सकते हैं फायदा

 

कंपोजिशन स्कीम लेने वाले 1.50 करोड़ तक टर्नओवर वाले कारोबारी भी कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं लेकिन उन्हें मासिक रिटर्न फाइल करनी होगी। ये रिटर्न हर महीने की 20 तारीक को जाएगी। इन्हें भी कम टैक्स रेट का बेनेफिट मिलेगा। यानी कंपोजिशन स्कीम लेने वाले 1.50 करोड़ तक टर्नओवर वाले कारोबारी 1 या 5 फीसदी टैक्स रेट की दर से टैक्स चुकाएंगे।

 

आगे पढ़ें - कितने कारोबारियों ने कराया है कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन

 

 

 

16 लाख कारोबारियों ने कराया है कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन

 

अभी हाल में ही इकोनॉमिक सर्वे में बताया कि देश में करीब 98 लाख कारोबारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया है। इसमें से 16 लाख काबोरियों ने कंपोजिशन स्कीम में रजिस्ट्रेशन कराया है।

 

 

कंपोजिशन स्कीम के फायदे और नुकसान

 

- कंपोजिट स्कीम के तहत कारोबारी अपने ट्रेडिंग और मैन्युफैक्चरिंग दो अलग कारोबार को जोड़कर भी टैक्स बेनेफिट ले सकते हैं लेकिन दोनों कारोबार का सालाना टर्नओवर का जोड़ 1 करोड़ रुपए तक होना चाहिए।

 

- जीएसटी टैक्स रेट कम चुकाना होगा।

 

- कंपोजिट स्कीम लेने वाले कारोबारी वैट रिफंड और इन्पुट क्रेडिट नहीं ले पाएंगे।

 

 

20 लाख रुपए से कम टर्नओवर वाले करोबारी रहेंगे जीएसटी से बाहर

 

 

20 लाख रुपए से कम टर्नओवर वाले करोबारी जीएसटी के दायरे से बाहर हो जाएंगे। अभी तक 10 लाख रुपए तक के टर्नओवर पर वैट में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता था लेकिन जीएसटी में ये ये दायरा बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया है।

 

 

 

 

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