बिज़नेस न्यूज़ » Economy » GSTएक्सपोर्टर्स रिफंड के लिए फिर से फाइल करें टेबल 6A, GSTR-3B, सरकार ने दूसरी बार जारी की एडवाइजरी

एक्सपोर्टर्स रिफंड के लिए फिर से फाइल करें टेबल 6A, GSTR-3B, सरकार ने दूसरी बार जारी की एडवाइजरी

सरकार ने एक्सपोटर्स के लिए रिफंड फाइल करने के लिए एख बार फिर नए दिशानिर्देश दिए हैं।

1 of

नई दिल्ली. सरकार ने एक्‍सपोर्टर्स के लिए रिफंड फाइल करने के लिए एक बार फिर नए दिशानिर्देश दिए हैं। एक्सपोर्टर्स का जीएसटी लागू होने के बाद से बीते आठ महीने से रिफंड अटका हुआ है। जीएसटी पोर्टल पर एक्सपोटर्स के लिए दूसरी बार रिफंड फाइल करने के लिए एडवाइजरी जारी की है। इससे पहले, सरकार ने बीते साल नंवबर में रिफंड के लिए एडवाइजरी जारी की थी।

 

फिर से फाइल करना होगा रिफंड

जिन एक्सपोर्टर्स ने एक्सपोर्ट किए गुड्स पर आईजीएसटी दे दिया है, वह रिफंड क्लेम कर सकते हैं। उन एक्सपोर्टर्स को जीएसटीआर-1 फॉर्म भरना होगा। एक्सपोर्टर्स को जीएसटीआर-1 फॉर्म का टेबल 6A में सही डेटा भरना होगा। अपना टैक्स भरना होगा और उसके बाद फॉर्म जीएसटीआर-3B भरना होगा।

 

अमाउंट का सही होना जरूरी

जीएसटीआर-3B रिटर्न में टेबल 3.1 (B) भरना होगा। उसमे सही अमाउंट भरना होगा जो जीएसटीआर-1 फॉर्म का टेबल 6A में भरा है। दोनों फॉर्म का अमाउंट मैच होना चाहिए। अगर ये अमाउंट गलत भरा तो इसका सीधा असर एक्सपोर्टर्स के रिफंड पर पड़ेगा।

 

सरकार ने फिर जारी की एडवाइजरी

सरकार ने एक्सपोर्टर्स को आईजीएसटी रिफंड और इन्पुट टैक्स क्रेडिट के लिए टेबल 6A और जीएसटीआर- 3B फाइल करने के लिए कहा है। इससे पहले भी सरकार ने बीते साल नंवबर में रिफंड के लिए अप्लाई करने के एडवाइजरी फाइल की थी।

 

एक्सपोर्टर्स क्लेम नहीं मिलने की कर रहे हैं शिकायत

एक्सपोर्टर्स काफी समय से आईजीएसटी और इन्पुट टैक्स रिफंड रिफंड बीते 8 महीने से रिफंड नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट (ईपीसीएच) के चेयरमैन ओमप्रकाश प्रह्लाद ने moneybhaskar.com कहा कि एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को अभी तक रिफंड मिलना शुरू नहीं हुआ है। प्रह्लाद ने कहा कि अभी भी कई एक्सपोटर्स के जीएसटी पोर्टल पर रिफंड और टेबल 6A ही नहीं भर पा रहे हैं क्योंकि पोर्टल का सिस्टम ही काम नहीं कर रहा है।

 

 

एक्सपोर्ट को हो रहा है नुकसान

हैंडीक्राप्ट एक्सपोर्टर राजकुमार मल्होत्रा ने moneybhaskar.com कहा कि सरकार ने भी माना है कि जीएसटी पोर्टल में प्रॉब्लम है, तो सरकार पहले इस समस्या को खत्म करे क्योंकि कस्टम के अधिकारी भी मान रहे है कि कस्टम के बिल में प्रॉब्लम नहीं है लेकिन जीएसटी पोर्टल पर आईजीएसटी के साथ मिसमैच दिखा रहा है। मल्होत्रा ने कहा कि इसका सीधा नुकसान कारोबार को हो रहा है क्योंकि वर्किंग कैपिटल आठ महीने से अटकी हुई है।

 

 

आगे पढ़ें - कितना है रिफंड

 

 

6,500 करोड़ रुपए का है रिफंड

सरकार के मुताबिक जुलाई से अक्टूबर तक का आईजीएसटी रिफंड शिपिंग बिल के मुताबिक 6,500 करोड़ रुपए और इन्पुट टैक्स क्रेडिट का अमाउंट करीब 30 करोड़ रुपए है। ये अमाउंट जीएसटीएन पोर्टल फाइल की गई रिटर्न के आधार पर निकाला गया है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट