Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

ग्‍लोबल संकेतों से कमजोर हुआ मार्केट, सेंसेक्‍स 115 अंक टूटा, निफ्टी 10,570 के स्तर पर बंद इनोवेटिव हेल्‍थकेयर प्रोडक्‍ट्स के लिए भारत-वर्ल्‍ड बैंक के बीच 836 करोड़ रु. का लोन एग्रीमेंट डाटा लीक केसः जवाब से संतुष्‍ट नहीं भारत सरकार, फेसबुक-एनालिटिका को फिर नोटिस कैश रिच अंबानी के सामने क्या टिक पाएंगे कर्जदार बिड़ला- मित्तल अनुमान से कमजोर रहा विप्रो का रिजल्ट, 7% घटकर 1800 करोड़ रु रह गया प्रॉफिट टोयोटा ने Yaris की कीमतों का ऐलान कि‍या, मई में शुरू होगी डि‍लि‍वरी 17 मई को लॉन्‍च होगा oneplus 6, इंडि‍या, चीन और लंदन में होंगे लॉन्‍च इवेंट खास स्‍टॉक : परसिस्टेंट सिस्टम में 7% की तेजी, अच्‍छे नतीजों का मिला फायदा Xiaomi ने लगाई लंबी छलांंग, सैमसंग को पीछे छोड़ 31% मार्केट पर कि‍या कब्‍जा अब LIC स्‍टाफ को भी मिलेगी दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी, सरकार ने दी मंजूरी GST काउंसिल की अगली मीटिंग 4 मई को, रिटर्न फाइलिंग का सरलीकरण एजेंडे में शामिल नाबालिग यौनशोषण मामले में आसाराम को उम्रकैद, बाकियों को 20-20 साल की सजा भारती इंफ्राटेल और इंडस का मर्जर, बनेगी भारत की सबसे बड़ी टावर कंपनी 10 रुपए के डेली खर्च पर LIC देगी 20 लाख का कैंसर कवर, चेक करें डिटेल 78% मुनाफा घटने के बाद भी एयरटेल शेयर में 5.17% की तेजी, आगे बेहतर है आउटलुक
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » GSTई-वे बिल से बचने के लिए एडवांस में ट्रेडर भेज रहे हैं गुड्स, सिस्टम अटकने का डर

ई-वे बिल से बचने के लिए एडवांस में ट्रेडर भेज रहे हैं गुड्स, सिस्टम अटकने का डर

नई दिल्ली. 1 अप्रैल से लागू होने जा रहे ई-वे बिल के लिए ट्रेडर्स बिल्कुल भी तैयार नहीं हैं। कारोबार प्रभावित होने के डर से वे एडवांस में सामान भेजने और मंगाने में लगे हुए हैं। यही वजह है कि इन दिनों इंटर स्टेट ट्रेड रूट्स पर कार्गो की मूवमेंट भी बढ़ गई है। ई-वे को लागू होने में एक दिन बचा है, लेकिन ट्रेडर्स तो दूर सरकार भी इसके लिए तैयार नजर नहीं आ रही है। जीएसटी में 90 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन होने बाद भी ई-वे बिल पोर्टल पर 11 लाख रजिस्ट्रेशन ही हुए हैं। एक ही दिन में बाकी रजिस्ट्रेशन होना काफी मुश्किल काम है।

 

एडवांस में गुड्स भेज रहे हैं कारोबारी

 

ई-वे बिल लागू होने से कॉम्पलाएंस बढ़ने के डर से कारोबारियों, ट्रेडर्स और डीलरों नें एडवांस में 3 से 6 हफ्तों का गुड्स मंगा और भेज दिया है। इंडियन फाउंडेशन ऑफ ट्रांसपोर्ट रिसर्च और ट्रेनिंग (आईएफिटीआरटी) के सीनियर अधिकारी ने moneybhaskar.com को बताया कि दो से तीन हफ्ते पहले से ही इंटर स्टेट ट्रेड रूट पर ट्रक और कार्गो की मूवमेंट बढ़ गई है। कारोबारियों ने एडवांस में एक महीने तक का स्टॉक अपने गोदामों में मंगा लिया है। ताकि, ई-वे लागू होने पर उन्हें गुड्स या प्रोडक्ट को लेकर परेशानी न हो।

 

 

कारोबारी नहीं है तैयार

 

कारोबारियों का ई-वे बिल को लेकर काफी कैजुअल अप्रोच है। ये ई-वे बिल की वेबसाइट पर हुए अभी तक के रजिस्ट्रेशन को देखकर साफ पता चलता है। जीएसटी पोर्टल पर करीब 90 लाख से अधिक कारोबारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ लेकिन ई-वे बिल की वेबसाइट पर अभी तक 11 लाख कारोबारियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यानी बाकी बचे ट्रेडर्स के रजिस्ट्रेशन एक दिन में करने पर ई-वे बिल की वेबसाइट पर काफी लोड पड़ेगा। अढिया भी कह चुके हैं कि उन्हें नहीं पता कि ट्रेडर्स, डीलर्स और ट्रांसपोटर्स इसके लिए तैयार हैं और वह रजिस्ट्रेशन करा लें क्योंकि बाद में वह शिकायत नहीं कर सकते कि उन्हें बताया नहीं गया।

 

कारोबारियों को लगता है टल सकता है ई-वे बिल

 

ट्रेडर्स एसोसिएशन और कारोबारियों को अभी भी यही लगता है कि सिस्टम फेल होने पर 1 अप्रैल को ई-वे बिल सरकार एक बार फिर टाल सकती है।

 

सरकार कितनी है तैयार

 

सरकार ई-वे बिल को लेकर कितनी तैयार है इसे लेकर ट्रेडर्स, डीलर्स और ट्रांसपोटर्स को शंका है। ई-वे बिल देश भर में 1 फरवरी 2018 से लागू हुआ था लेकिन वेबासइट मिनटों में लाखों की संख्या में ई-वे बिल बनाने की क्षमता को नहीं झेल पाई जिसके कारण वेबासइट क्रैश हो गई। फिर सरकार को मजबूरी में ई-वे बिल टालना पड़ा। जीएसटीएन सीईओ प्रकाश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि उनके पास पहले ऐसा डेटा नहीं था कि एक दिन में कितने ई-वे बिल बनेंगे। पहले ट्रायल पर 7 लाख ई-वे बने थे लेकिन अब सिस्टम को 75 लाख ई-वे बनाने की क्षमता का बनाया गया है।

 

 

आगे पढ़ें - क्या है ई-वे बिल

 

 

 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.