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GST के नाम पर किसी ने आपसे वसूले ज्यादा पैसे, तो यहां करें शिकायत

सरकार ने हेल्पलाइन नंबर शुरू कर दिया है, जहां कंज्यूमर ऐसे मामलों की शिकायत कर सकते हैं।

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नई दिल्ली. अगर कोई भी दुकानदार, कंपनी या कारोबारी आपसे जीएसटी के नाम पर ज्यादा पैसे ले रहा है तो अब आप इसकी शिकायत सीधे सरकार को कर सकते हैं। सरकार की नेशनल एंटी प्रॉफियटरिंग अथॉरिटी (एनएए) ने हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत कर दी है, जहां कंज्यूमर ऐसे मामलों की शिकायत कर सकते हैं। ऐसे मामलों पर सरकार तुरंत कार्रवाई करेगी।

 

 

कंज्यूमर कर सकता है शिकायत

आपको जीएसटी रेट कट का बेनेफिट नहींं दे रहा है तो आप इसकी शिकायत हेल्पलाइन नंबर पर कर सकते हैं। सरकार ने जीएसटी के तहत की प्रोडक्ट पर टैक्स रेट कम किए हैं और कंपनियों को कीमतें नए टैक्स स्ट्रक्चर के तहत कीमतें कम करने के लिए कहा है। अगर कंज्यूमर को लगता है कि कंपनियों या दुकानदार ने दाम नहीं घटाए हैं तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।

 

ये हेल्पलाइन नंबर

एनएए ने नया हेल्पलाइन नंबर 011-21400643 जारी किया है। यहां कन्ज्यूमर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इन नंबर पर फोन करके आप जीएसटी को लेकर कोई भी जानकारी ले सकते हैं। अपनी शिकायत का समाधान भी हेल्पलाइन पर फोन करके निकाल सकते हैं।

 

आगे पढ़ें - कब कर सकते हैं शिकायत

 

वर्किंग दिनों पर कर सकते हैं शिकायत

कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर पर सुबह 9:30 से 1 बजे तक और फिर 1:30 से शाम 6 बजे तक फोन कर सकते हैं। यह हेल्पलाइन नंबर सभी वर्किंग डेज पर काम करेगी।

 

 

1 जुलाई को लागू हुआ था जीएसटी

देशभर में 1 जुलाई 2017 से नया टैक्स स्ट्रक्चर जीएसटी लागू किया गया था। तब से लेकर अब तक जीएसटी काउंसिल कई प्रोडक्ट पर टैक्स रेट कम कर चुकी है। सबसे अधिक टैक्स रेट वाले स्लैब 28 फीसदी में सरकार ने अब कम प्रोडक्ट रखे हैं। ज्यादातर प्रोडक्ट इस स्लैब से हटा दिया गया है।

 

 

सरकार ने क्यों जारी किया नंबर

जीएसटी प्रॉफियटरिंग को लेकर बहुत अधिक शिकायतें नहीं आई है जिसके कारण एनएए ने इस हेल्पलाइन को लॉन्च करने का प्लान किया ताकि कंज्यूमर अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

 

आगे पढ़ें - और कहां कर सकते हैं शिकायत..

 

यहां भी कर सकते हैं शिकायत

कंज्यूमर एनएए की वेबसाइट पर एंटी प्रॉफियटरिंग की शिकायत कर सकते हैं। वह प्री और पोस्ट जीएसटी रेट कट या एमआरपी को लेकर शिकायत कर सकते हैं। एप्लिकेंट को इन्वॉइस की कॉपी या प्राइस लिस्ट सबूत के तौर पर लगानी होगी। ताकि, ये बात प्रूफ हो सके कि टैक्स कम होने और इन्पुट टैक्स क्रेडिट का फायदा कस्टमर को पास नहीं किया गया है।

 

 

यहां किया 28% की जगह 18% टैक्स

इलेक्ट्रिक कंट्रोल, डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इलेक्ट्रिक बोर्ड, पैनल, कंसोल, कैबिनेट, वायर, केबल, इंसुलेटेड कंडक्टर, इलेक्ट्रिक इंसुलेटर, इलेक्ट्रिक प्लग, स्विच, सॉकेट, फ्यूज, रिले, इलेक्ट्रिक कनेक्टर्स, ट्रक (लोहे की पेटी), सूटकेस, ब्रीफकेस, ट्रैवलिंग बैग, हैंडबैग, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाई, लैंप और लाइट फिटिंग के सामान, शेविंग के सामान, डियोड्रेंट, परफ्यूम, मेकअप के सामान, फैन, पंप्स, कंप्रेसर, प्लास्टिक के सामान, शॉवर, सिंक, वॉशबेसिन, सीट्स के सामान, प्लास्टिक के सेनेटरी वेयर, सभी प्रकार के सिरेमिक टाइल, रेजर और रेजर ब्लेड, बोर्ड, सीट्स जैसे प्लास्टिक के सामान, पार्टिकल/फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड पर अब 18 फीसदी टैक्स हो गया है।

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