बिज़नेस न्यूज़ » Economy » GSTई-वे बिल लागू होने में बचे हैं केवल 5 दिन, ये फॉर्म आएंगे काम

ई-वे बिल लागू होने में बचे हैं केवल 5 दिन, ये फॉर्म आएंगे काम

सरकार ने ई-वे बिल में चार तरह के फॉर्म बनाए हैं, जो कारोबारियों की केटेगरी के हिसाब से हैं।

1 of

नई दिल्ली। ई-वे बिल लागू होने में पांच दिन बचे हैं। पर अभी भी कारोबारियों को उसे लेकर कई सारे कन्फ्यूजन हैं। ई-वे बिल में कितने तरह के फॉर्म हैं और उन्हें कैसे यूज करना है।  सरकार ने ई-वे बिल में चार तरह के फॉर्म बनाए हैं, जो कारोबारियों की कैटेगरी के हिसाब से हैं।

 

4 तरह के हैं ई-वे बिल

 

-वे बिल-1

 

 

ई-वे बिल-1 गुड्स के लिए है। यानी डीलर, कारोबारी, एक्सपोर्टर, ट्रेडर जो 50 हजार रुपए का स्टॉक एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजेगा वह ई-वे बिल-1 फॉर्म भरेगा। ये ई-वे बिल सबके लिए एक है।

 

-वे बिल-2

 

ई-वे बिल-2 ट्रासपोटर्स को भरना है। कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल, ई-वे बिल-2 फॉर्म के जरिए भरा जाएगा। एक ही व्हीकल में अलग-अलग डीलर्स का सामान, अलग-अलग प्रोडक्ट कैटेगरी का सामान भेजने पर कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल भरना होगा। ये कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल ज्यादातर ट्रांसपोर्टर्स को भरना होगा। ट्रांसपोर्टर्स अगल-अगल डीलर्स के लिए एक कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल बना सकता है।

 

 

-वे बिल-3

 

ई-वे बिल-3 वैरिफिकेशन फॉर्म है जिसे जीएसटी अधिकारी भरेंगे। इस फॉर्म में प्रोडक्ट ले जा रहे है व्हीकल की जानकारी जैसे व्हीकल नंबर, ट्रांसपोर्टर और डीलर का नाम और नंबर भरा जाएगा। ये फॉर्म जीएसटी अधिकारी चेकिंग के समय भरेंगे। इसके अलावा इस फॉर्म में प्रोडक्ट की जानकारी होगी। ये फॉर्म डीलर, ट्रांसपोर्टर और जीएसटी अधिकारी कोई भी चेक कर सकता है।

 

 

-वे बिल-4

 

ई-वे बिल-4 डिटेन्शन फॉर्म है। यानी  एक जीएसटी अधिकारी ने अगर 50 ट्रक को वैरिफाई किया है और उसमें से अगर 4 में अधिकारी को कुछ गढ़बढ़ लगता है, तो वह उन व्हीकल और प्रोडक्ट को जब्त कर लेगा। अधिकारी जिन भी ट्रक या प्रोडक्ट को जब्त करता है, वह उसकी जानकारी ई-वे बिल-4 में भरेगा। ई-वे बिल-4 में भरी जानकारी ट्रांसपोर्टर, डीलर, कारोबारी, एक्सपोर्टर, ट्रेडर ऑनलाइन स्वयं भी चेक कर सकते हैं कि उनके कौनसे ट्रक जीएसटी अधिकारी ने जब्त कर लिए हैं।

 

-वे बिल का 16 जनवरी को शुरू हो चुका है ट्रायल

 

16 जनवरी से ई-वे बिल का ट्रायल रन शुरू हो रहा है। ई-वे बिल के लिए जीएसटीएन पोर्टल से अलग वेबसाइट बनाई है। देश भर के सभी कारोबारी और ट्रेडर्स इस वेबसाइट पर ई-वे बिल जनरेट कर पाएंगे।

 

 

एसएमएस पर बन जाएगा ई-वे बिल

 

 

कारोबारियों और ट्रांसपोटर्स को कोई भी टैक्स ऑफिस या चेक पोस्ट पर जाने की जरूर नहीं होगी। ई-वे बिल इलेक्ट्रॉनिकली स्वयं कारोबारी निकाल पाएंगे। कारोबारी ऑफलाइन भी एसएमएस के जरिए ई-वे बिन बनवा सकेंगे। जिन कारोबारियों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है और उन्हें एक दिन में ज्यादा ई-वे बिल जनरेट नहीं करने हैं, वह एसएमएस सर्विस से ई-वे बिल जनरेट कर सकते हैं। इसके लिए कारोबारियों को अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करना होगा। इसी नबंर से एसएसएस के जरिए ई-वे बिल की रिक्वेस्ट डिटेल देकर जनरेट कर सकते हैं।

 

Get Latest Update on Budget 2018 in Hindi

 

आगे पढ़ें - कैसे काम करेगा ई-वे बिल..

 

 

यहां करना होगा लॉग इन

 

 

कारोबारियों को ई-वे बिल बनाने के लिए http://164.100.80.111/ewbnat2 पर क्लिक करना होगा। वहां अपना जीएसटी का यूजर आईडी पासवर्ड भरें। उसके बाद अपना ई-वे बिल जनरेट कर सकते हैं। अगर आपने ई-वे बिल पर रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो पहले आपको रजिस्टर करना होगा। इसके लिए ई-वे बिल रजिस्ट्रेशन पर क्लिक करना होगा और अपना जीएसटीआईएन नंबर भरना होगा। इससे अपना पासवर्ड जनरेट हो जाएगा।

 

 

फरवरी से लागू होगा ई-वे बिल

 

 

जीएसटीएन पोर्टल और सरकार ने विज्ञापनों में साफ कर दिया है कि पूरे देश भर में 1 फरवरी से ई-वे बिल लागू होगा। एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भिजवाने के लिए ई-वे बिल ही ट्रांजिट पास के तौर पर काम करेगा। ई-वे बिल पूरे देश भर में मान्य होगा। अब देश भर में 50 हजार रुपए से अधिक के माल को ट्रांसपोर्ट करने के लिए ई-वे बिल लेना अनिवार्य होगा।

 

 

क्या है ई-वे बिल?

 

 

- ई-वे बिल के तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा के अमाउंट के प्रोडक्ट की राज्य या राज्य से बाहर ट्रांसपोर्टेशन या डिलीवरी के लिए सरकार को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए पहले ही बताना होगा।

 

 

- इसके तहत ई-वे बिल जनरेट करना होगा जो 1 से 20 दिन तक वैलिड होगा।

 

 

- यह वैलिडिटी प्रोडक्ट ले जाने की दूरी के आधार पर तय होगी। जैसे 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1 दिन का ई-वे बिल बनेगा, जबकि 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी के लिए 20 दिन का ई-वे बिल बनेगा।

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट