Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

एयरटेल का प्रॉफिट 15 साल के निचले स्तर पर, 78% घटकर रह गया 83 करोड़ रु बुधवार के लिए टॉप इंट्राडे टिप्स, इन शेयरों में मिल सकता है अच्छा रिटर्न गिरावट के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 76 अंक कमजोर, निफ्टी 10600 के नीचे 699 रुपए में मि‍ल रही है 4000 वाली ड्रेस, हर प्रोडक्‍ट पर है 80% तक की छूट रुपए में बढ़ी गिरावट, 9 पैसे कमजोर होकर 66.47 के भाव पर खुला गाड़ि‍यों पर जीपीएस और पैनि‍क बटन की डेडलाइन पर सरकार का यू-टर्न, एक साल की छूट मिडकैप इंडेक्स में लौटी रिकवरी, ये शेयर आगे दे सकते हैं 34% तक रिटर्न जीएसटी कलेक्‍शन के लिए कैश आधारित लेखा प्रणाली अपनाएगी फाइनेंस मिनिस्‍ट्री हीरो मोटो की बाइक-स्कूटर 625 रु तक हुए महंगे, इनपुट कॉस्ट बढ़ने का असर भगोड़े आर्थिक अपराधियों की 15 हजारCr की एसेट होंगी अटैच, ऑर्डनैंस के तहत ED की तैयारी ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए अलग पॉलिसी बनाएगी सरकार, टास्क फोर्स का किया गठन लगातार 3 दिन बंद रहेंगे सभी बैंक, हो सकती है कैश की किल्लत फोर्टिस के लिए मलेशियाई कंपनी ने रिवाइस किया ऑफर, 650Cr रु तुरंत निवेश करने को राजी Jio ने फरवरी में बनाए 87 लाख कस्‍टमर, ऐयरटेल से दोगुनी तेजी से बढ़ रहे हैं ग्राहक इस बैंक ने 18 माह में 1 लाख को बनाया 1.80 लाख, आगे भी कमाई का मौका
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » GSTई-वे बिल में कितने फॉर्म हैं

ई-वे बिल में कितने फॉर्म हैं

ई-वे बिल में कितने फॉर्म हैं

नई दिल्‍ली.. ई - वे बिल देश भर में लागू हो चुका है।  कारोबारियों को सभी कन्फ्यूजन को दूर रखते हुए इसके लिए तैयार होना होगा। लेकिन साथ ही ये जानना जरूरी हो जाता है कि ई-वे बिल में कितने फॉर्म हैं। इसे कैसे बनाना और कैंसल करना है। ई-वे बिल कैसे काम करेगा।

 


ट्रॉयल रन में रोजाना बने 2 लाख ई-वे बिल

 

ई-वे बिल के ट्रायल रन में 34 राज्यों में रोजाना 2 लाख ई-वे बिल बनाए गए। जीएसटीएन के अधिकारियों के मुताबिक सिस्टम रोजाना 42 लाख से 45 लाख बिल रोजाना बनाएगा। अभी तक करीब 3.5 लाख जीएसटी पेयर्स ने ई-वे बिल की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इसके अलावा 4,000 लोगों नें ई-वे बिल की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया है जिन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।

 

 

 

ई-वे बि में हैं 4 तरह के फॉर्म

 

ई-वे बिल-1

 

ई-वे बिल-1 गुड्स के लिए है। यानी डीलर, कारोबारी, एक्सपोर्टर, ट्रेडर जो 50 हजार रुपए का स्टॉक एक राज्य से दूसरे राज्य में भेज रहे हैं, उन्हें ई-वे बिल-1 भरना होगा। ये ई-वे बिल ट्रेडर, रिटेलर, कारोबारी सबके लिए एक ही है।

 


ई-वे बिल-2

 

ई-वे बिल-2 कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल है। कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल में एक ही व्हीकल में अलग-अलग डीलर्स, प्रोडक्ट का सामान भेजने पर कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल बनेगा। ये कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल ज्यादातर ट्रांसपोर्टर्स को भरना होगा। ट्रांसपोर्टर्स अलग-अलग डीलर्स के लिए एक कन्सॉलिडेटेड ई-वे बिल बना सकता है।

 


ई-वे बिल-3

 

ई-वे बिल-3 वैरिफिकेशन फॉर्म है जिसे जीएसटी अधिकारी भरेंगे। इस फॉर्म में प्रोडक्ट ले जा रहे है व्हीकल की जानकारी जैसे व्हीकल नंबर, ट्रांसपोर्टर और डीलर का नाम और नंबर होगा। ये फॉर्म डीलर, ट्रांसपोर्टर और जीएसटी अधिकारी कोई भी चेक कर सकता है।

 

ई-वे बिल-4

 

ई-वे बिल-4 डिटेन्शन फॉर्म है। यानी अगर एक जीएसटी अधिकारी ने अगर 50 ट्रक को वैरिफाई किया है और उसमें से अगर 4 में अधिकारी को कुछ गढ़बढ़ लगता है, तो वह उन व्हीकल और प्रोडक्ट को जब्त कर लेगा। अधिकारी जिन भी ट्रक या प्रोडक्ट को जब्त करता है, वह उसकी जानकारी ई-वे बिल-4 में भरेगा।

 

 

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.