Home » Economy » GSTकेंद्र सरकार के राजी होने पर पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स को GST के दायरे में लाया जायेगा - अरुण जेटली - jaitley says States must first decide their stance

पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स को GST के दायरे में लाने के पक्ष में केंद्र: राज्‍य सभा में जेटली

जेटली ने कहा है कि सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने के पक्ष में है।

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नई दिल्‍ली. फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने कहा है कि सरकार पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने के पक्ष में है। राज्‍य सभा में मंगलवार को पूर्व फाइनेंस मिनिस्‍टर और कांग्रेस लीडर पी. चिदंबरम की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में जेटली ने यह जानकारी दी।

 

जेटली ने कहा कि पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स को जीएसटी के अंदर लाने के मसले पर हम राज्‍यों की आम सहमति का इंजतार करेंगे। उम्‍मीद है कि राज्‍य देर-सवेर इस मसले पर सहमत हो जाएंगे। राज्‍य सभा में कांग्रेस के हंगामे के मसले पर जेटली ने कहा कि विपक्ष के नेता समेत अपने सभी सहयोगियों को आमंत्रित करेंगे और हर मसले का चर्चा के साथ हल निकालने का प्रयास करेंगे।

 

चिदंबरम में ने क्‍या कहा?

राज्‍य सभा में कांग्रेस लीडर और पूर्व फाइनेंस मिनिस्‍टर चिदंबरम ने कहा, ''अब बीजेपी 19 राज्‍यों में सत्ता में है। केंद्र में भी उसकी सरकार है, तो उन्‍हें पेट्रोलियम प्रोडक्‍ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने से कौन रोकता है। जीएसटी काउंसिल इस मसले को कब उठाएगी?''

 

मनमोहन सिंह के खिलाफ टिप्‍पणी पर हंगामा

नरेंद्र मोदी की पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ टिप्पणी को लेकर मंगलवार को लोकसभा और राज्‍य सभा में हंगामा हुआ। राज्यसभा में कांग्रेस लीडर गुलाम नबी आजाद ने पीएम मोदी से माफी मांगने की बात कही। सोमवार को भी कांग्रेस समेत अन्य सदस्यों ने संसद के दोनों सदनों में टिप्पणी को लेकर हंगामा किया था और नारेबाजी करते हुए मोदी से माफी मांगने की बात कही थी। हंगामे और शोरशराबे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी।

 

हंगामे के बीच पेश किए 5 विधेयक

हंगामे के बीच ही जेटली ने अनुपूरक अनुदान मांगें पेश कीं। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम, श्रम मंत्री संतोष कुमार ने उपदान संदाय (संशोधन) विधेयक, स्वास्थ्य मंत्री ने जेपी नड्डा ने दंत चिकित्सा (संशोधन) विधेयक और वन एवं पर्यावरण मंत्री डाॅ. हर्षवर्द्धन ने भारतीय वन (संशोधन) विधेयक पेश किया। दोनों ही सदनों में गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव नतीजों के रुझान का असर देखने को मिला।

 

देश के प्रति ईमानदार रहे हैं मनमोहन: आजाद

राज्‍य सभा में कांग्रेस लीडर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह देश के प्रति ईमानदार रहे हैं। इसको लेकर कोई सवाल नहीं उठा सकता। पीएम मोदी को सदन में आकर इसके लिए सफाई देनी चाहिए।

वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने क्रिमिनल नेताओं के लिए स्पेशल कोर्ट बनाए जाने के मुद्दे पर कहा कि ज्यादा कोर्ट बनाए जाने को लेकर सरकार को फंड जारी करना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि कोर्ट की ज्यादा तादाद होने से कैदियों का ट्रायल जल्दी होगा और उन्हें जेल में लंबा वक्त नहीं गुजारना होगा। इस पर आजाद ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है। विधायिका को इसके लिए अलग से नहीं देखा जा सकता।

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