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GST की खामियां जानने के लिए 12 हाईकोर्ट्स के जजों ने की मीटिंग, अधिकारियों से ली जानकारी

इस चर्चा में टॉप डोमेन एक्‍सपर्ट्स और जीएसटी इंटेलीजेंस व CBEC के अधिकारियों ने भाग लिया

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नई दिल्‍ली. हाल ही में देश के 12 हाईकोर्ट्स के 20 जजों ने एक्‍सपर्ट और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर जीएसटी पर चर्चा की है ताकि नई कर प्रणाली की खामियों को जाना जा सके। ऐसा माना जा रहा है कि ये खामियां आगे चलकर बहस का विषय बन सकती हैं। इस चर्चा में टॉप डोमेन एक्‍सपर्ट्स और जीएसटी इंटेलीजेंस व सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्‍साइज एंड कस्‍टम्‍स (CBEC) के अधिकारियों ने भाग लिया और जजों को जीएसटी के बारे में विस्‍तार से सारी जानकारी दी। इस चर्चा को आयोजित करने की वजह विभिन्‍न कोर्ट्स में जीएसटी के कई पहलुओं को लेकर शुरू हो चुकी बहस रही। 

 

यह चर्चा भोपाल स्थित नेशनल ज्‍यूडिशियल एकेडमी द्वारा जीएसटी प्रणाली पर हाईकोर्ट जजों के लिए आयोजित नेशनल ज्‍यू‍डिशियल कॉन्‍फ्रेंस में की गई। इसमें जीएसटी के तहत विवाद और बहस के संभावित क्षेत्रों से लेकर जीएसटी वर्सेज सेंट्रल एक्‍साइज, सर्विस टैक्‍स और वैट पर तुलनात्‍मक विश्‍लेषण जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। 

 

कहां-कहां के जज हुए शामिल 
इस तीन दिवसीय चर्चा में इलाहाबाद, आंध्र प्रदेश, मुम्‍बई, कोलकाता, गुजरात, जम्‍मू और कश्‍मीर, कर्नाटक, केरल, मध्‍य प्रदेश और मद्रास हाईकोर्ट के जजों ने जीएसटी से संबंधित विभिन्‍न मसलों पर नौ लोगों से बातचीत की। कानून मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि एकेडमी ने जीएसटी के मुद्दे पर 2015 में आयोजित एक कार्यक्रम में भी चर्चा की थी। 

 

सैनिटरी नैपकिन पर टैक्‍स को लेकर सरकार से मांगा गया था जवाब 
पिछले हफ्ते दिल्‍ली हाईकोर्ट ने केन्‍द्र से सवाल किया था कि अगर बिन्‍दी, सिंदूर और काजल को जीएसटी से छूट दी गई है तो सैनिटरी नैपकिन, जो कि एक जरूरी सामान है उसे छूट क्‍यों नहीं दी जा सकती। एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्‍तल और जस्टिस सी हरि शंकर की बेंच ने कहा कि सैनिटरी नैपकिन एक जरूरत है और उन्‍हें टैक्‍स के दायरे में रखे जाने और अन्‍य चीजों को जरूरत का बताकर टैक्‍स से छूट दिए जाने की कोई सफार्इ नहीं हो सकती। कोर्ट ने 31 सदस्‍यों वाली जीएसटी काउंसिल में एक भी महिला न होने पर भी आपत्ति जताई। इस पर केन्‍द्र सरकार की ओर से केस लड़ रहे संजीव नरूला ने कहा कि अगर सरकार सैनिटरी नैपकिन को टैक्‍स से छूट दे देगी तो उसकी कीमत बढ़ जाएगी। 

 

क्यों उठा यह मुद्दा 
दिल्‍ली हाईकोर्ट सैनिटरी नैपकिन्‍स पर 12 फीसदी जीएसटी लगाए जाने को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में इस टैक्‍स को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया गया है। 

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